Agriculture

कार्बन क्रेडिट क्या है, इससे कमाई कैसे कर सकते हैं किसान?

N
ABP News
September 21, 20264 min read
कार्बन क्रेडिट क्या है, इससे कमाई कैसे कर सकते हैं किसान?

आज के दौर खेती की लागत लगातार आसमान छू रही है. तो किसानों के सामने कमाई की परेशानियां बढ़ने लगी हैं. ऐसे में किसान खेती में दूसरी चीजों से भी कमाई कर रहे हैं. इसके लिए अलग-अलग तरीके खोज रहे हैं. इसी में एक नया नाम जुड़ा है कार्बन क्रेडिट का. किसान कार्बन क्रेडिट के जरिए भी कमाई कर सकते हैं. हालांकि इसका तरीका थोड़ा अलग होता है.

अगर आपको आसान शब्दों में समझाएं तो किसानों को पर्यावरण बचाने के लिए एक तरह से इनाम दिया जाता है. जो खेती के अलावा उनकी एक्स्ट्रा कमाई हो सकती है. दुनिया भर की बड़ी-बड़ी फैक्ट्रियां और कंपनियां जो हवा में धुआं और प्रदूषण छोड़ती हैं. उनके मुकाबले किसान खेत में फसल उगाकर हवा को साफ करने का काम करते हैं. इसी के चलते आज खेती में यह तरीका तेजी से पॉपुलर हो रहा है. जान लीजिए इससे कैसे कमाते हैं पैसे .

कार्बन क्रेडिट कैसे काम करता है?

अगर आप सोच रहे हैं कि आखिर यह कार्बन क्रेडिट है क्या, तो इसे एक तरह का ग्रीन सर्टिफिकेट मान लीजिए. जब कोई व्यक्ति, संस्था या किसान ऐसा कोई काम करता है जिससे हवा में घुलने वाली जहरीली ग्रीनहाउस गैसें यानी कार्बन डाइऑक्साइड कम पैदा होती है. तो उसे बदले में कार्बन क्रेडिट मिलता है. अब होता यह है कि बड़ी औद्योगिक कंपनियां जो तय कानूनी सीमा से ज्यादा प्रदूषण फैलाती हैं.

उन्हें अपने उस प्रदूषण की भरपाई करनी पड़ती है. इस भरपाई के लिए वह बाजार में उन किसानों से ये कार्बन क्रेडिट खरीदती हैं जिन्होंने पर्यावरण को शुद्ध रखने में योगदान दिया होता है.यानी कि पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली कंपनियां पैसा चुकाती हैं और वह पैसा उन किसानों तक पहुंचता है जो प्रकृति के अनुकूल खेती करते हैं. यह एक तरह का ऐसी डील है जिसमें पर्यावरण भी साफ रहता है और किसानों को पैसे भी मिलते हैं.


खेतों में कैसे तैयार होता है कार्बन क्रेडिट?

अब सवाल यह उठता है कि किसान अपने खेतों में ऐसा क्या अलग करें कि उन्हें यह कार्बन क्रेडिट मिलने लगे? इसके लिए आपको अपनी खेती के पुराने तौर-तरीकों में थोड़ा सा बदलाव लाना होता है जिसे आजकल रिजेनरेटिव और क्लाइमेट-स्मार्ट खेती कहा जाता है. जैसे अगर आप धान की खेती में हर समय खेत को पानी से भरकर रखने के बजाय कम पानी वाले तरीकों या सीधे बीज बोने की तकनीक अपनाते हैं. तो इससे मीथेन गैस का उत्सर्जन बहुत कम होता है.

इसी तरह खेत में बार-बार गहरी जुताई करने से बचते हैं. पराली जलाने की बजाय उसे सड़ाकर वापस मिट्टी में मिला देते हैं. केमिकल खादों की जगह गोबर की खाद और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर का इस्तेमाल करते हैं और खेत की मेड़ों पर पेड़ लगाते हैं. इन तमाम पर्यावरण फ्रेंडली कामों से मिट्टी की सेहत सुधरती है और उसकी कार्बन रोकने की ताकत बढ़ जाती है. जब यह सब वैज्ञानिक तरीकों से जांचा जाता है. तो आपके खेतों में कार्बन क्रेडिट तैयार हो जाते हैं.


यह भी पढ़ें: पीली पड़ रहीं धान की पत्तियां, कहीं भूरा माहू ने तो नहीं कर दिया अटैक?

किसान कैसे बेच सकते हैं?

कार्बन क्रेडिट को बेचने की बात की जाए तो आम किसान सीधे अंतरराष्ट्रीय बाजार में जाकर अपना कार्बन क्रेडिट नहीं बेच सकता. क्योंकि इसकी एक लंबी टेक्निकल प्रक्रिया होती है. इसके लिए आजकल कई सारी एग्री-टेक कंपनियां, स्टार्टअप्स और किसान उत्पादक संगठन काम कर रहे हैं जो किसानों को अपने साथ जोड़ते हैं. सबसे पहले आपकी जमीन का डिजिटल डेटा, सैटेलाइट तस्वीरें और मिट्टी के सैंपल लिए जाते हैं. जिसे एमआरवी यानी मॉनिटरिंग, रिपोर्टिंग और वेरिफिकेशन कहा जाता है.

जब इंडिपेंडेंट एजेंसियां इस बात की पुष्टि कर देती हैं कि वाकई आपके खेती करने के तरीके से प्रदूषण घटा है. तब जाकर क्रेडिट जारी होते हैं. बात अगर कमाई की करें तो एक एकड़ जमीन से साल भर में औसतन एक क्रेडिट तक बन जाता है. जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अच्छी कीमत मिलती है. हालांकि इसमें बीच की कंपनियों का खर्च और वेरिफिकेशन की फीस भी जुड़ी होती है, फिर भी किसानों को प्रति एकड़ के हिसाब से हजारों रुपये की एक्सट्रा कमाई हो जाती है.

यह भी पढ़ें: कितने की मिलती है अंकोले वातुसी गाय, एक दिन में कितना दूध देती है?

Topics & Tags:#Agriculture
कार्बन क्रेडिट क्या है, इससे कमाई कैसे कर सकते हैं किसान? | Kisan Reporter