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किसानों को मालामाल बना सकता है कैक्टस, इससे कितनी कमाई?

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ABP News
September 20, 20263 min read
किसानों को मालामाल बना सकता है कैक्टस, इससे कितनी कमाई?

कैक्टस का नाम सुनते ही आमतौर पर लोगों के मन में कांटों वाले सजावटी पौधे की तस्वीर सामने आती है.लेकिन दुनिया के कई हिस्सों में कैक्टस की कुछ प्रजातियों की खेती भी की जाती है. खासतौर पर प्रिकली पीयर जैसे कैक्टस से फल प्राप्त किए जाते हैं, जबकि कुछ प्रजातियों का इस्तेमाल पशु चारा और अन्य उत्पादों के लिए किया जाता है. ऐसे में आइए जानते है कि कैक्टस की खेती कर किसान कैसे अच्छी कमा सकता है.

कैक्टस से कितनी कमाई हो सकती है?

प्रिक्ली पीयर जैसे कैक्टस की व्यावसायिक खेती में फल की बिक्री से आमदनी होती है, हालांकि इसके लिए स्थानीय बाजार और खरीदार उपलब्ध होना जरूरी है. वहीं फल के अलावा कैक्टस को जूस, जैम, स्क्वैश, कैंडी और अन्य खाद्य उत्पादों में भी इस्तेमाल किया जाता है. वहीं कुछ कैक्टस प्रजातियां नर्सरी और सजावटी पौधों के बाजार में भी महंगी बिकती हैं. दुर्लभ और आकर्षक किस्मों की कीमत सामान्य कैक्टस से काफी ज्यादा होती है.

कम पानी में भी उग जाता है

कैक्टस की सबसे बड़ी खासियत इसकी सूखा सहने की क्षमता है. इसकी कई प्रजातियां पत्तियों के बजाय तने में पानी इरठ्ठा करती हैं. यही वजह है कि सुखे और कम पानी वाले क्षेत्रों में कुछ कैक्टस प्रजातियां कम पानी में भी विकसित हो जाती हैं. लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि कैक्टस को बिल्कुल पानी की जरूरत नहीं होती. कैक्टस मिट्टी के कटाव को रोकता है और खराब या बंजर भूमि को उपजाऊ बनाने में मदद करता है.

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कैक्टस का इस्तेमाल

कैक्टस आधारित उत्पादों की मांग केवल खेती तक सीमित नहीं है. प्रिक्ली पीयर के फल खाने योग्य होते हैं और इनसे जूस, जैम, जेली, सिरप और अन्य खाद्य उत्पाद बनाए जाते हैं. इसके अलावा कुछ क्षेत्रों में कैक्टस के हरे हिस्सों का इस्तेमाल सब्जी या पशु चारे के रूप में भी किया जाता है. वहीं कैक्टस के अर्क का उपयोग कई प्रकार की दवाइयों, त्वचा की देखभाल और ब्युटी प्रोडक्ट्स में भी किया जाता है. यह एलोवेरा की तरह यह सन बर्न वाली त्वचा को ठंडक और राहत देता है.

खेती शुरू करने से पहले बाजार देखें

कैक्टस की खेती शुरू करने से पहले किसान को सबसे पहले यह पता करना चाहिए कि उसके इलाके में कौन-सी प्रजाति उपयुक्त है और उसका खरीदार कौन होगा. जहां पानी कम है और पारंपरिक फसलों की लागत बढ़ रही है, वहां कैक्टस प्रजातियां आय का एक बेहतरीन विकल्प बन सकती है.

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