घर में ताजी हरी प्याज चाहिए तो इसके लिए हर बार मार्केट जाने की जरूरत नहीं है. थोड़ी सी जगह हो तो इसे घर की छत या बालकनी में भी आसानी से उगाया जा सकता है. हरी प्याज की खास बात यह है कि इसे लगाने के लिए बड़े किचन गार्डन की जरूरत नहीं पड़ती. कुछ गमलों और तो ग्रो बैग से भी इसकी शुरुआत की जा सकती है. हरी प्याज का इस्तेमाल सलाद, पराठे, नूडल्स, सूप और कई तरह की सब्जियों में किया जाता है.
इसलिए घर पर इसकी छोटी सी फसल भी काफी काम आ सकती है. इसे बीज से उगाया जा सकता है और बाजार से खरीदी प्याज के जड़ वाले हिस्से से भी नई हरी पत्तियां निकाली जा सकती हैं. हालांकि अच्छी और लगातार फसल चाहिए तो सही मिट्टी, धूप, पानी और पौधों के बीच सही जगह का ध्यान रखना जरूरी है. छत पर हरी प्याज उगाने के लिए फाॅलो करे यह प्रोसेस.
गमला नहीं है तो ग्रो बैग में करें शुरुआत
हरी प्याज लगाने के लिए बहुत गहरे गमले की जरूरत नहीं होती. करीब 6 से 8 इंच गहरा कंटेनर भी इसके लिए इस्तेमाल किया जा सकता है. आपके पास गमला नहीं है तो ग्रो बैग, प्लास्टिक कंटेनर या घर में मौजूद किसी पुराने डिब्बे को भी इस्तेमाल किया जा सकता है. बस उसके नीचे पानी निकलने के लिए छेद जरूर होने चाहिए. पानी जमा रहेगा तो जड़ों के खराब होने का रिस्क बढ़ सकता है.
मिट्टी तैयार करते समय इस बात का ध्यान रखें कि वह बहुत सख्त न हो. गार्डन की मिट्टी में कम्पोस्ट मिलाकर हल्का पॉटिंग मिक्स तैयार किया जा सकता है. इससे जड़ों को बढ़ने के लिए बेहतर जगह मिलती है. बीज से हरी प्याज उगा रहे हैं तो उन्हें बहुत गहराई में न डालें. हल्की मिट्टी से ढक करके पानी दें. कई पौधे लगा रहे हैं तो उनके बीच थोड़ी दूरी रखें. जिससे ग्रोथ के समय उन्हें जगह की कमी न हो.

धूप और पानी का सही बैलेंस है जरूरी
गमला तैयार होने के बाद उसे छत के ऐसे हिस्से में रखें जहां रोज अच्छी रोशनी और कुछ घंटे सीधी धूप आती हो. बहुत कम रोशनी वाली जगह पर पौधा तो बढ़ सकता है. लेकिन उसकी पत्तियां कमजोर और पतली रह सकती हैं. वहीं गर्मियों में बहुत तेज धूप और गर्मी हो तो मिट्टी की नमी जल्दी खत्म हो सकती है. इसलिए मौसम के हिसाब से गमले की जगह और पानी दोनों मैनेज करें.
पानी देने के लिए कोई तय समय बनाने के बजाय मिट्टी चेक करके पानी देना ज्यादा सही है. ऊपरी मिट्टी सूखी लगे तो हल्का पानी दिया जा सकता है. गमले को हर समय पानी से भरा रखना सही नहीं है. मिट्टी नम रहे लेकिन उसमें पानी जमा न हो. छत पर गमले जल्दी सूख सकते हैं. इसलिए गर्म मौसम में इन्हें रोज चेक करें. पौधों की ग्रोथ धीमी लगे तो थोड़ी सी कम्पोस्ट डालकर मिट्टी को और पोषण दे सकते हैं..
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कुछ हफ्तों में मिलने लगेंगी ताजी हरी पत्तियां
हरी प्याज की सबसे अच्छी बात इसकी जल्दी मिलने वाली फसल है. पौधे की पत्तियां अच्छी लंबाई तक पहुंच जाएं तो जरूरत के हिसाब से उनकी कटिंग शुरू की जा सकती है. पूरी प्याज निकालने के बजाय केवल ऊपर की हरी पत्तियां काटने पर पौधे से दोबारा नई पत्तियां निकल सकती हैं. कटिंग करते समय नीचे का कुछ हिस्सा छोड़ देना बेहतर है. जिससे पौधे की आगे की ग्रोथ जारी रहे.
अगर बाजार वाली प्याज से हरी पत्तियां उगानी हैं तो ऐसी प्याज चुनें जिसके नीचे जड़ों वाला हिस्सा मौजूद हो. इसे मिट्टी में इस तरह लगाएं कि जड़ें अंदर रहें और ऊपरी हिस्सा बाहर दिखाई दे. रेगुलर नमी और धूप मिलने पर इसमें नई हरी पत्तियां निकलने लगती हैं. हालांकि लंबे समय तक अच्छी क्वालिटी की हरी प्याज चाहिए तो समय-समय पर नए पौधे लगाते रहें. इससे एक बैच खत्म होने तक दूसरा बैच तैयार होने लगेगा और घर पर लगातार ताजी हरी प्याज मिल सकेगी.

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