क्या आप भी अक्टूबर में ऐसी सब्जियों की खेती करना चाहते हैं, जिनकी बाजार में सालभर अच्छी मांग बनी रहती है? खरीफ फसलों की कटाई के बाद अक्टूबर का महीना खेत को अगली सब्जी फसल के लिए तैयार करने का सबसे अच्छा समय होता है. इस महीने में तापमान अच्छा होता है, ऐसे में कुछ खास सब्जियों की खेती करना आसान हो जाता है.
जानिए मटर, गोभी, पालक और धनिया जैसी बेहतरीन फसलों के बारे में. मतौर पर इन सब्जियों की मांग बाजार में होने के साथ-साथ होटल्स में भी बनी रहती है. ऐसे में खेत की मिट्टी के अनुसार फसल का चुनाव करना आपके लिए बेहद फायदेमंद हो सकता है.
मटर की खेती में मिलेगा फायदा
अक्टूबर का समय मटर की फसल के लिए सबसे बेहतरीन समय माना जाता है. मटर की हरी फलियों की मांग सर्दियों में बढ़ जाती है. होटल और रेस्टोरेंट में सब्जी, पुलाव, सूप और कई अन्य चीजों में इसका इस्तेमाल होता है. किसान अच्छी जल निकासी वाले खेत में इसकी किस्मों का चुनाव करके मुनाफा कमा सकते हैं. आमतौर पर अक्टूबर से दिसंबर के बीच इसकी बुवाई की जाती है, और 70 से 90 दिनों में यह तुड़ाई के लिए तैयार हो जाती है.
फूलगोभी और पत्तागोभी होगी जल्दी तैयार
फूलगोभी और पत्तागोभी सर्दियों की सबसे अहम सब्जियों में शामिल हैं. इनकी मांग स्थानीय बाजारों के अलावा होटल और रेस्टोरेंट में भी रहती है. यह दोनों फसल रोपाई के 60 से 120 दिनों में तैयार हो जाती हैं. यह फसल ठंडे और नम मौसम की है, ऐसे में अक्टूबर का महीना इन फसलों के लिए उप्युक्त माना जाता है. इनके लिए अच्छी जल निकासी वाली दोमट मिट्टी सबसे अच्छी होती है.
यह भी पढ़ें: रबी में किसान न करें ये गलती, गेहूं के साथ खाली जगह का ऐसे उठाएं फायदा
मूली होगी कम समय में तैयार
मूली कम समय में तैयार होने वाली सब्जियों में शामिल है. इसकी खेती किसानों के लिए इसलिए भी उपयोगी होती है क्योंकि इसे कम समय में बाजार तक पहुंचाया जा सकता है. मूली की मांग घरों के साथ-साथ सलाद और भोजन परोसने वाले होटल-रेस्टोरेंट में भी रहती है. मूली की खेती के लिए दोमट मिट्टी सबसे फायदेमंद मानी जाती है. मूली की फसल आमतौर पर बुआई के 25 से 60 दिनों के भीतर खुदाई के लिए तैयार हो जाती है.
गाजर की खेती से होगा फायदा
सर्दियों के मौसम में गाजर की मांग बढ़ जाती है. इसे सलाद के साथ हलवे के लिए भी बेहद पसंद किया जाता है. गाजर की बुवाई का सही समय अक्टूबर से दिसंबर तक माना जाता है. वहीं इसके लिए भुरभुरी और अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी उपयुक्त रहती है. गाजर की फसल बुवाई के बाद आमतौर पर 80 से 120 दिनों में तैयार हो जाती है.
पालक और धनिया की सही देखभाल
पालक और धनिया की मांग घरों के साथ होटल और रेस्टोरेंट में भी रहती है. दोनों फसलों के लिए दोमट या हल्की दोमट मिट्टी सबसे अच्छी मानी जाती है. वहीं मिट्टी की जल निकासी भी अच्छी होनी चाहिए क्योंकि पानी जमा होने से फसल सड़ सकती है. पालक और धनिया बुवाई के लगभग 25 से 30 दिन बाद पहली कटाई के लिए तैयार हो जाता है. इसके बाद मौसम और देखभाल के अनुसार हर 20-25 दिन में इसकी अगली कटाई की जा सकती है.
यह भी पढ़ें: घर में करी पत्ता लगाने का सही मौसम क्या? इन गलतियों से बचना जरूरी
