Cyclone Arnab Alert: खेतों में इस समय खड़ी फसलें तैयार है, तो कहीं किसान रबी की बुवाई की तैयारी में जुटे हैं. लेकिन इसी बीच चक्रवाती तुफान 'अरनब' के खतरे ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है. तेज हवाएं और भारी बारिश से खेत में खड़ी फसल गिर सकती है. दूसरी तरफ खेतों में पानी भरने से किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फिर सकता है. खासकर धान, सब्जियों और बागवानी की खेती करने वाले किसानों को ज्यादा नुकसान उठाना पड़ सकता है.
ऐसे में जरूरी है कि, तूफान आने से पहले ही किसान कुछ जरूरी तैयारियां कर लें. इससे फसलों को होने वाले नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है, साथ ही पशुओं को भी सुरक्षित रखा जा सकता है.
खेत में पानी जमा न होने दें
चक्रवाती तूफान के दौरान भारी बारिश होने पर खेतों में पानी भर सकता है. इससे सब्जियों और दूसरी फसलों की जड़ों को नुकसान पहुंच सकता है. इसलिए किसान पहले से खेत की नालियां साफ कर लें, ताकि बारिश का पानी आसानी से बाहर निकल सके. निचले खेतों में पानी निकालने की व्यवस्था जरूर रखें.
तैयार फसल को सुरक्षित जगह रखें
जिन किसानों की फसल कट चुकी है, वे उसे खुले खेत या खलिहान में न छोड़ें. धान, मक्का और दूसरी उपज को सूखी और सुरक्षित जगह पर रखें. अगर भंडारण के लिए पक्की जगह नहीं है, तो फसल को जमीन से थोड़ा ऊपर रखकर मजबूत तिरपाल से ढक दें. 
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आंध्र प्रदेश और ओडिशा में ज्यादा खतरा
मौसम विभाग के मुताबिक, 26 अक्टूबर को बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती तूफान 'अरनब' बन चुका है. इसके 28 अक्टूबर की सुबह आंध्र प्रदेश के तट से टकराने की आशंका है. इस दौरान हवा की रफ्तार 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटे और झोंकों में 140 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. आंध्र प्रदेश और ओडिशा में भारी बारिश का खतरा है.
सब्जियों और बागों का ऐसे रखें ध्यान
तेज हवा से केले और पपीते जैसे पौधे गिर सकते हैं. इसलिए जहां सुरक्षित हो, वहां छोटे पौधों को सहारा दें. सब्जियों की नर्सरी को मजबूत ढांचे से सुरक्षित करें. तूफान आने से पहले खेत में कीटनाशक या खाद का छिड़काव करने से बचें, क्योंकि बारिश में यह बह सकता है.
गाय, भैंस और बकरियों को कमजोर छप्पर या पेड़ों के नीचे न बांधें. उन्हें मजबूत और सुरक्षित जगह पर रखें. चारा और दाना भीगने से बचाएं. अगर प्रशासन सुरक्षित स्थान पर जाने को कहे, तो तुरंत निर्देश मानें.
तूफान के दौरान खेत जाने से बचें
तेज हवा, बिजली गिरने या भारी बारिश के दौरान खेत में जाकर फसल बचाने की कोशिश न करें. बिजली के खंभों, पेड़ों और पानी भरे रास्तों से दूर रहें. किसान मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की चेतावनी देखते रहें. फसल की सुरक्षा जरूरी है, लेकिन जान की सुरक्षा सबसे पहले है.
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