सर्दियों का मौसम दस्तक देने वाला है और इस सीजन में बाजार में मिलने वाली ताजी ऑरेंज गाजर स्वाद के साथ-साथ सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद मानी जाती है. गाजर का हलवा हो, सलाद हो या सब्जी, सर्दियों में इसकी मांग हर घर में बहुत बढ़ जाती है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि केमिकल और कीटनाशकों से मुक्त पूरी तरह से ऑर्गेनिक ऑरेंज गाजर आप अपने घर की छत या बालकनी पर भी बेहद आसानी से उगा सकते हैं?
अक्सर लोगों को लगता है कि गाजर जैसी जमीन के अंदर उगने वाली जड़ वाली फसलों के लिए बड़े खेत की जरूरत होती है, लेकिन यह बिल्कुल सच नहीं है. बस आपको एक सही तकनीक और कुछ बुनियादी बातों का ध्यान रखना होगा, जिसके बाद आपकी छत पर ही मीठी और रसीली गाजरों की बंपर पैदावार तैयार हो जाएगी. आइए जानते हैं इसका पूरा तरीका.
सही गमले या ग्रो बैग का चयन है सबसे जरूरी
छत पर गाजर उगाने के लिए सबसे पहला और महत्वपूर्ण कदम सही गमले का चुनाव करना है. चूंकि गाजर जमीन के नीचे गहराई में बढ़ती है, इसलिए इसे उगाने के लिए सामान्य या छोटे गमले काम नहीं आएंगे. आपको कम से कम 12 से 15 इंच गहरा और चौड़ा गमला या प्लास्टिक का ग्रो बैग चुनना होगा. गमला चुनते समय इस बात का विशेष ध्यान रखें कि उसके निचले हिस्से में जल निकासी के लिए छोटे छेद जरूर हों. अगर पानी गमले में रुकेगा, तो गाजर की जड़ें सड़ जाएंगी और आपका पूरा पौधा खराब हो जाएगा.
गाजर के लिए कैसे तैयार करें उपजाऊ मिट्टी
गाजर की अच्छी लंबाई और मोटाई के लिए मिट्टी का भुरभुरा और हल्का होना बेहद जरूरी है. अगर मिट्टी बहुत सख्त या पथरीली होगी, तो गाजर नीचे की तरफ ठीक से बढ़ नहीं पाएगी और उसका आकार टेढ़ा-मेढ़ा हो जाएगा. इसके लिए आपको 40 प्रतिशत सामान्य बगीचे की मिट्टी, 30 प्रतिशत बारीक रेत और 30 प्रतिशत जैविक खाद को आपस में अच्छी तरह मिलाना होगा. मिट्टी में रेत मिलाने से वह पोरस बनी रहती है, जिससे गाजर की जड़ों को फैलने के लिए पर्याप्त जगह और हवा मिलती है.
बीज बोने का सही तरीका और दूरी
गमले में मिट्टी भरने के बाद गाजर के उन्नत और अच्छी क्वालिटी के बीजों को लें. गाजर के बीज बहुत छोटे होते हैं, इसलिए उन्हें सीधे मिट्टी पर छिड़कने के बजाय आधा इंच गहरी छोटी लकीरें बनाकर उसमें डालें. बीजों को बोते समय ध्यान रखें कि दो पौधों के बीच कम से कम 2 से 3 इंच की दूरी जरूर हो ताकि हर गाजर को बढ़ने के लिए पर्याप्त जगह मिले. बीजों को बोने के बाद ऊपर से हल्की मिट्टी या कोकोपीट की एक पतली परत से ढक दें और हाथ से स्प्रे करके हल्का पानी दें.
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धूप और पानी का रखें विशेष ध्यान
गाजर को अच्छी ग्रोथ के लिए भरपूर सनलाइट की जरूरत होती है. बीज बोने के बाद गमले को अपनी छत के उस हिस्से में रखें जहां दिनभर में कम से कम 6 से 8 घंटे की सीधी और तेज धूप आती हो. छांव वाली जगह पर पौधे की पत्तियां तो बढ़ेंगी, लेकिन नीचे गाजर का विकास रुक जाएगा. जहां तक पानी की बात है, गमले की मिट्टी में हमेशा हल्की नमी बनी रहनी चाहिए, लेकिन उसे कीचड़ जैसा गीला बिल्कुल न करें. जब ऊपर की मिट्टी सूखी दिखाई दे, तभी उसमें पानी डालें.
कब और कैसे करें गाजर की हार्वेस्टिंग
बीज बोने के लगभग 70 से 90 दिनों के भीतर आपकी घर की उगाई हुई ऑर्गेनिक ऑरेंज गाजर पूरी तरह से तैयार हो जाती है. इसकी पहचान यह है कि पौधे के नीचे की मिट्टी थोड़ी उभरी हुई दिखने लगती है और गाजर का ऊपरी हिस्सा बाहर नजर आने लगता है. गाजर निकालने से एक दिन पहले गमले में हल्का पानी दे दें ताकि मिट्टी नरम हो जाए. इसके बाद पौधे की पत्तियों को जड़ के पास से पकड़कर धीरे से ऊपर की तरफ खींचें.
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