धतूरे का नाम आते ही ज्यादातर लोगों के दिमाग में एक जहरीला पौधा ही आता है, लेकिन यही पौधा खेती और धार्मिक मान्यताओं, दोनों में अपनी खास जगह रखता है. सावन के महीने में भगवान शिव की पूजा में धतूरा चढ़ाने की परंपरा तो सदियों पुरानी है, लेकिन कम लोग जानते हैं कि इसकी खेती भी की जाती है और इसका इस्तेमाल दवाइयां बनाने में भी होता है. आइए जानते हैं कि धतूरे की खेती कैसे होती है और क्या इसे घर में भी लगाया जा सकता है.
कैसा होता है धतूरे का पौधा
धतूरा एक झाड़ीनुमा पौधा है, जो सोलेनेसी परिवार से आता है. इसका वैज्ञानिक नाम डटूरा स्ट्रैमोनियम है. इसका तना करीब 60 से 150 सेंटीमीटर तक लंबा हो सकता है. पौधे में सफेद या बैंगनी रंग के फूल आते हैं और बाद में कांटेदार फल लगते हैं, जिनके अंदर बीज होते हैं. यही बीज इसकी बुवाई के काम आते हैं.
कैसे होती है खेती
धतूरे की बुवाई आमतौर पर अक्टूबर-नवंबर के महीने में की जाती है, यानी यह सर्दियों की फसल मानी जाती है. बीज को सीधे खेत में बोया जाता है. बुवाई के लिए ज्यादा उपजाऊ जमीन की जरूरत नहीं होती, यह सामान्य और हल्की मिट्टी में भी अच्छे से उग जाता है. बुवाई के बाद पौधे को समय-समय पर पानी देना जरूरी होता है, ताकि मिट्टी में नमी बनी रहे. इसके अलावा खेत में समय-समय पर खाद डालना और फसल की निगरानी करना भी जरूरी है, ताकि कीड़े-मकौड़ों से पौधे को बचाया जा सके.
चूंकि धतूरे का इस्तेमाल नशीले पदार्थों और कुछ दवाओं में भी होता है, इसलिए बड़े स्तर पर इसकी खेती करने से पहले सरकार से जरूरी अनुमति या लाइसेंस लेना पड़ता है. बिना लाइसेंस के व्यावसायिक खेती करना कानूनी तौर पर मुश्किल में डाल सकता है.
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क्या घर में लगा सकते हैं धतूरे का पौधा
बहुत से लोग ज्योतिष और वास्तु से जुड़ी मान्यताओं के चलते घर में धतूरे का पौधा लगाते हैं. माना जाता है कि सावन के महीने में मंगलवार या रविवार को धतूरे का पौधा घर में लगाना शुभ होता है और इससे सकारात्मक ऊर्जा आती है. यही वजह है कि कई घरों में तुलसी के पास काला धतूरा भी लगा मिल जाता है.
लेकिन इसे लगाने से पहले एक बात का खास ध्यान रखना जरूरी है, धतूरे का पूरा पौधा जहरीला होता है. इसके पत्ते, फूल, बीज, सभी में ऐसे तत्व होते हैं जो अगर गलती से खा लिए जाएं तो सेहत के लिए बेहद नुकसानदायक हो सकते हैं. इसलिए अगर घर में छोटे बच्चे या पालतू जानवर हैं, तो इसे लगाने से बचना ही बेहतर है. अगर पौधा लगाना ही है, तो इसे ऐसी जगह रखें जहां बच्चों और जानवरों की पहुंच न हो और पौधे को छूने के बाद हाथ जरूर धो लें.
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