आज कल बदलते मौसम की वजह से किसानों को बहुत परेशानी का समना करना पड़ता है. कम बारिश की वजह से फसलें प्रभावित हो जाती है. जिससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ जाता है. धान या गन्ने जैसी फसल ज्यादा पानी मांगती है और जरुरत पूरी न होने पर यह सूख जाती है. ऐसे में किसानों के लिए ऐसी फसल का चयन करना फायदेमंद होता है, जो सूखे में भी अच्छा उत्पादन दें.
अगर आपके क्षेत्र में कम बारिश होती है या सूखा रहता है, तो ऐसे में जानिए अनाज, दलहन फसलें, तिलहन फसलें और बागवानी फसलों के कुछ ऐसे शानदार विकल्प जो सूखा पड़ने पर भी केवल सही देखभाल करने पर आपको भारी उत्पादन देंगे. जिससे आपको नुकसान नहीं उठाना पड़ेगा और बेहतर आय भी मिलेगी. आइए जानते है उन फसलों के नाम.
मोटे अनाज देते हैं बेहतर उत्पादन
बाजरा, ज्वार और रागी जैसी फसले भयंकर सूखे और गर्मी में भी आपके लिए फायदेमंद होती है. इन्हें कम बारिश वाले क्षेत्र और रेतीले स्थान पर आसानी से उगाया जा सकता है. बाजरा की जड़ें जमीन में काफी गहराई तक जाकर नमी सोख लेती हैं. जिससे इसे अधिक पानी देने की आवश्यकता नहीं होती. वहीं ज्वार की भी एक बेहतरीन खूबी है यह सूखा पड़ने पर अपनी पत्तियों को अंदर की तरफ मोड़कर पानी का वाष्पीकरण 50 परसेंट तक कम कर देता है और दोबारा बारिश होने पर फिर से बढ़ने लगता है.
दलहन फसलें देंगी दोगुनी आय
अरहर, मूंग, चना और उड़द जैसी दालों को भी सूखे में आसानी से उगाया जा सकता है. कहा जाता है कि अरहर अपनी गहरी मूसला जड़ की मदद से जमीन के अंदर छिपे पानी को खींच लेती है. वहीं यह मिट्टी में नाइट्रोजन फिक्स करके उसकी उपजाऊ शक्ति बढ़ाती है. मूंग और उड़द भी ऐसी फसलें हैं जो 60-70 दिनों में आसानी से कम पानी में तैयार हो जाती है. चना भी केवल मिट्टी में छिपी नमी को सोंखकर अच्छी पैदावार दे देता है.
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तिलहन फसलें होगी फायदेमंद
तिल, मूंगफली और सरसों जैसी तिलहन फसलें भी आपके लिए बेहतरीन साबित हो सकती है. तिल को बेहद कम सिंचाई की आवश्यकता होती है और सूखे की स्थिति में भी इसके दानों की गुणवत्ता खराब नहीं होती. वहीं मूंगफली अपनी गहरी जड़ों के कारण मिट्टी में से पानी सोंख लेती है. सूखा रहने पर सरसों की फसल की खेती कर किसान सर्दियों में अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं.
बागवानी फसलें भी देंगी उत्पादन
कई किसानों को नहीं पता होता है कि सूखे में बागवानी फसलों का सहारा भी लिया जा सकता है. किसान बेर, आंवला, अनार, अमरूद, खजूर जैसे फलदार पेड़ों की खेती कर के अपनी आय को नुकसान पहुंचाने से बचा सकते हैं. इन पेड़ों की जड़ें गहरी होती हैं और ये गर्म मौसम में भी जीवित रह सकते हैं. वहीं अलार तो बिना पानी के भी 3 से 4 सप्ताह तक आसानी से खड़ा रह सकता है और इसकी खेती से किसान भारी मुनाफा कमा सकते हैं.
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