दिल्ली में कृषि जमीन खरीदने का सपना देखने वालों के लिए सबसे बड़ा सवाल यही रहता है कि, आखिर एक एकड़ खेत की कीमत कितनी है? इसका जवाब किसी एक आंकड़े में नहीं दिया जा सकता, क्योंकि दिल्ली में कृषि जमीन के दाम इलाके और जमीन की स्थिति के हिसाब से काफी बदलते हैं. यहां एक बात समझना जरूरी है कि सरकार का सर्किल रेट और जमीन का वास्तविक बाजार भाव अलग-अलग हो सकता है.
सर्किल रेट किसी इलाके में जमीन या मकान की सरकार की ओर से तय की गई न्यूनतम कीमत होती है. संपत्ति की रजिस्ट्री और दूसरे सरकारी कामों में इसी रेट को ध्यान में रखा जाता है. दिल्ली सरकार के राजस्व विभाग के मुताबिक, रजिस्ट्री पर स्टांप ड्यूटी निकालने के लिए बिक्री की कीमत और सर्किल रेट में से जो ज्यादा होगा, उसी को आधार बनाया जाता है.
दिल्ली में कृषि जमीन का सर्किल रेट कितना है?
दिल्ली में कृषि जमीन के सर्किल रेट को 2023 में इलाके के हिसाब से बदला गया था. इससे पहले कृषि जमीन के लिए पूरे दिल्ली में 53 लाख रुपये प्रति एकड़ का एक समान रेट था. इसके बाद अलग-अलग जिलों के लिए अलग दरें तय की गईं.
मौजूदा तय दरों के अनुसार:
- दक्षिणी दिल्ली और नई दिल्ली में कृषि जमीन का सर्किल रेट 5 करोड़ रुपये प्रति एकड़ है.
- उत्तर, पश्चिम, उत्तर-पश्चिम और दक्षिण-पश्चिम दिल्ली में यह 3 करोड़ रुपये प्रति एकड़ है.
- मध्य और दक्षिण-पूर्वी दिल्ली में 2.5 करोड़ रुपये प्रति एकड़ है.
- शाहदरा, उत्तर-पूर्वी और पूर्वी दिल्ली में 2.25 करोड़ रुपये प्रति एकड़ है.
यानी सिर्फ सरकारी दरों को देखें तो दिल्ली में एक एकड़ कृषि जमीन का मूल्य इलाके के हिसाब से 2.25 करोड़ से 5 करोड़ रुपये तक हो सकता है.
लेकिन बाजार में जमीन इससे भी महंगी हो सकती है
किसान या खरीदार को यह समझना चाहिए कि सर्किल रेट को जमीन का अंतिम बाजार भाव नहीं माना जा सकता. सड़क से दूरी, जमीन की लोकेशन, आसपास का विकास, आने-जाने का रास्ता और भविष्य में जमीन के इस्तेमाल की संभावनाएं कीमत पर बड़ा असर डालती हैं.
कुछ प्रॉपर्टी बाजार अनुमानों में दिल्ली के अलग-अलग कृषि और फार्म क्षेत्रों में एक एकड़ जमीन की कीमत कई करोड़ रुपये बताई गई है. उदाहरण के लिए, 2026 के एक बाजार आकलन में नजफगढ़ और बदुसराय जैसे इलाकों के लिए काफी अलग-अलग मूल्य दायरे बताए गए हैं. ये बाजार अनुमान हैं, सरकारी दर नहीं, इसलिए किसी जमीन का वास्तविक सौदा इन आंकड़ों से अलग हो सकता है.
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सरकार सर्किल रेट में फिर कर रही है बदलाव की तैयारी
दिल्ली में कृषि जमीन के सरकारी रेट लंबे समय से चर्चा में हैं. 2025 में दिल्ली सरकार ने सर्किल रेट को मौजूदा बाजार कीमतों के करीब लाने के लिए दोबारा समीक्षा की प्रक्रिया शुरू की थी. कृषि जमीन के सर्किल रेट 2008 के बाद लंबे समय तक बड़े बदलाव से नहीं गुजरे थे और सरकार ने पुराने रेट और मौजूदा बाजार भाव के बीच अंतर को कम करने की बात कही थी. 2025 के अंत में कृषि जमीन के सर्किल रेट को मौजूदा दरों से कई गुना बढ़ाने का प्रस्ताव भी चर्चा में आया था. लेकिन प्रस्तावित बढ़ोतरी को अंतिम लागू दर मानना सही नहीं होगा, क्योंकि दरों में बदलाव के लिए सरकारी प्रक्रिया और मंजूरी जरूरी है.
जमीन खरीदने से पहले किसान इन बातों को जरूर देखें
अगर कोई किसान दिल्ली में कृषि जमीन खरीदने की सोच रहा है तो केवल कीमत सुनकर सौदा नहीं करना चाहिए. सबसे पहले जमीन के मालिकाना हक, खसरा रिकॉर्ड और पुराने दस्तावेजों की जांच जरूरी है. इसके साथ यह भी देखें कि जमीन किस इलाके में है, वहां आने-जाने का रास्ता है या नहीं और जमीन पर किसी तरह का विवाद तो नहीं है. जमीन का इस्तेमाल केवल खेती के लिए किया जा सकता है या किसी दूसरे काम के लिए अनुमति की जरूरत होगी, इसकी जानकारी भी पहले लेनी चाहिए.
दिल्ली में जमीन की रजिस्ट्री के समय सर्किल रेट और वास्तविक सौदे की कीमत का अंतर समझना भी जरूरी है. राजस्व विभाग के अनुसार, स्टांप ड्यूटी बिक्री की कीमत या लागू सर्किल रेट में से जो ज्यादा हो, उसके आधार पर लगती है.
नोट: इस खबर में दी गई जानकारी दिल्ली सरकार के राजस्व विभाग, दिल्ली विकास प्राधिकरण और हालिया अदालत की कार्रवाई व खबरों से ली गई है.
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