डेयरी फार्मिंग से किसान आज के वक्त में अच्छी कमाई कर रहे हैं. लेकिन बहुत से किसानों के पास डेयरी फार्म खोलने के लिए पैसे नहीं होते हैं. ऐसे में किसान लोन लेकर इस काम को शुरू करते हैं. लेकिन बैंक से लोन तो मिल जाता है. मगर उस पर लगने वाला भारी ब्याज मुश्किल बढ़ा देता है. लेकिन अब किसानों के लिए सरकार की तरफ से एक बहुत ही तगड़ी खुशखबरी सामने आई है. बिहार सरकार के मंत्रिमंडल ने किसानों के लिए एक ऐसा ऐतिहासिक फैसला लिया है.
जिसे सुनकर आपके चेहरे पर भी खुशी की चमक आ जाएगी. सरकार ने मुख्यमंत्री गो-धन विकास ऋण योजना के तहत बैंक लोन के ब्याज पर सीधे तौर पर 100 प्रतिशत सब्सिडी देने की मंजूरी दे दी है. इसका सीधा मतलब यह है कि अब पशुपालकों को बैंक से लिए गए लोन की सिर्फ मूल रकम ही चुकानी होगी. जबकि ब्याज भरने का पूरा जिम्मा सरकार खुद उठाएगी. जानें लीजिए पूरी खबर.
मुख्यमंत्री गो-धन विकास योजना में ब्याज पर छूट
सरकार के इस नए फैसले के मुताबिक मुख्यमंत्री गो-धन विकास ऋण योजना के तहत राज्य के पशुपालकों को बैंक से मिलने वाले लोन पर एक पैसा भी ब्याज नहीं देना पड़ेगा. आमतौर पर जब कोई किसान पशु खरीदने और डेयरी फार्म बड़ा करने के लिए बैंक का दरवाजा खटखटाता है. तो उसे तगड़े ब्याज दर पर कर्ज मिलता है. जिससे हर महीने किस्त चुकाना बहुत भारी पड़ जाता है. इस नई योजना में सरकार ने इसी झंझट को हमेशा के लिए खत्म कर दिया है.
पात्र लाभार्थियों को बैंक से जितना लोन मिलेगा उसकी मूल राशि यानी प्रिंसिपल अमाउंट ही वापस करना होगा. लोन पर लगने वाला सारा ब्याज सरकार सीधे बैंक के खाते में सब्सिडी के रूप में ट्रांसफर कर देगी. इससे किसानों और पशुपालकों पर आर्थिक बोझ लगभग न के बराबर रह जाएगा. यह योजना उन किसानों के लिए वरदान साबित होने वाली है जो कम पैसों की वजह से अपना खुद का डेयरी बिजनेस खड़ा नहीं कर पा रहे थे.

पशुपालकों के लिए सुनहरा मौका
इस योजना के आने से उन तमाम किसानों के नए बिजनेस के रास्ते खुल जाएंगे जो पशुपालन में हाथ आजमाते थे पर पैसों की तंगी के चलते रुक जाते थे. डेयरी का कारोबार एक ऐसा सेक्टर है जिसमें जरा सा सही मैनेजमेंट और अच्छी नस्ल की गाय-भैंस होने पर तगड़ा मुनाफा कमाया जा सकता है. सरकार की इस सौ प्रतिशत ब्याज सब्सिडी वाली स्कीम का फायदा उठाकर आप बिना किसी आर्थिक दबाव के अपनी पसंद के अच्छे मवेशी खरीद सकते हैं.
चाहे आपको छोटा डेयरी फार्म शुरू करना हो या फिर पहले से चल रहे काम को बड़े पैमाने पर ले जाना हो यह योजना आपको आर्थिक मदद देगी. बैंक से मिलने वाले लोन पर जब ब्याज का बोझ जीरो हो जाएगा. तो आपकी हर महीने की कमाई सीधे आपकी जेब में बचेगी. पशुपालक अब दूध उत्पादन के साथ-साथ दूसरे डेयरी उत्पादों से भी अपनी कमाई को कई गुना बढ़ा सकते हैं. सरकार का यह कदम ग्रामीण इलाकों में रोजगार के नए द्वार खोलने के साथ-साथ किसानों की आर्थिक स्थिति को सुधारने में बहुत बड़ा योगदान देने वाला है.

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लोन के लिए पात्रता और आवेदन का प्रोसेस
अब आपके मन में यह सवाल आ रहा होगा कि इस योजना का फायदा उठाने के लिए क्या करना होगा और इसके लिए कौन लोग पात्र माने जाएंगे? तो आपको बता दें फिलहाल सरकार की तरफ से इसकी गाइडलाइंस और आवेदन की पूरी प्रक्रिया नहीं बताई गई है. इसे कुछ दिनों में इस अलग से जारी किया जा सकता है.
इस योजना का लाभ लेने के लिए आपके पास आधार कार्ड, बैंक खाता विवरण, जमीन या पशुबाड़े से जुड़े कागजात और निवास प्रमाण पत्र होना जरूरी है. जैसे ही सरकार इसके पोर्टल या फिर जिलों के पशुपालन विभाग के जरिए आवेदन लेना शुरू करेगी. तो आप बिना देर किए अपना फॉर्म अप्लाई कर सकते हैं.
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