VB G RAM G Yojana: गांव में रहने वाले जिन परिवारों की रोजी-रोटी मजदूरी पर निर्भर है, उनके लिए रोजगार के दिन बढ़ने से बड़ी राहत मिल सकती है. इसी को देखते हुए तमिलनाडु सरकार ने वीबी-जी राम जी (VB G RAM G) योजना के तहत पात्र ग्रामीण परिवारों को 25 दिन का अतिरिक्त रोजगार देने का फैसला किया है.
यानी जो परिवार योजना के तहत पहले से तय 125 दिन का काम पूरा कर लेंगे, उन्हें राज्य सरकार की ओर से 25 दिन और काम दिया जा सकेगा. इस तरह उन्हें साल में अब 125 की जगह कुल 150 दिन तक मजदूरी वाला रोजगार मिल सकता है. सरकार ने इस अतिरिक्त काम के लिए अपने खजाने से पैसा देने की मंजूरी दी है.
पहले 125 दिन काम की थी गारंटी
केंद्र सरकार ने ग्रामीण परिवारों को रोजगार देने के लिए विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण), यानी वीबी-जी राम जी योजना शुरू की है. तमिलनाडु में इसे 1 जुलाई 2026 से लागू किया गया. इसके तहत पात्र ग्रामीण परिवारों को एक वित्तीय साल में 125 दिन के मजदूरी वाले रोजगार की कानूनी गारंटी दी गई है. इससे पहले मनरेगा के तहत 100 दिन के रोजगार की गारंटी थी.
अब तमिलनाडु सरकार ने राज्य की ओर से 25 दिन और काम देने का फैसला किया है. मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि, पात्र परिवारों को साल में कुल 150 दिन तक रोजगार देने की व्यवस्था की जाए. इसके बाद ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग ने अतिरिक्त रोजगार के लिए प्रशासनिक मंजूरी जारी की.
इन परिवारों को मिलेगी प्राथमिकता
सरकार ने कहा है कि, अतिरिक्त 25 दिन का काम देते समय जरूरतमंद परिवारों को प्राथमिकता दी जाएगी. इसमें ऐसे परिवार शामिल हैं, जिनकी मुखिया महिला है. इसके अलावा अकेली महिलाओं, दिव्यांग सदस्यों वाले परिवारों और अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति के परिवारों को भी प्राथमिकता मिलेगी.
वन अधिकार कानून, 2006 के तहत लाभ पाने वाले परिवारों को भी इस व्यवस्था में प्राथमिकता दी जाएगी. सरकार का मकसद उन लोगों को सहारा देना है, जिनके लिए नियमित कमाई का इंतजाम करना ज्यादा मुश्किल होता है. चेन्नई को छोड़कर बाकी जिलों में इस अतिरिक्त रोजगार के लिए राशि बांटने की जिम्मेदारी विभाग के आयुक्त को दी गई है.
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क्या है जी राम जी योजना?
वीबी-जी राम जी योजना ग्रामीण इलाकों में रहने वाले पात्र परिवारों को मजदूरी वाला काम उपलब्ध कराने से जुड़ी है. इसके जरिए गांवों में रोजगार के अवसर बढ़ाने के साथ पानी बचाने, ग्रामीण बुनियादी सुविधाएं बनाने और आजीविका से जुड़े कामों को बढ़ावा देने का लक्ष्य है.
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