आजकल की आपाधापी भरी जिंदगी और फ्लैट कल्चर में हर कोई अपने आशियाने को थोड़ा हरा-भरा और खूबसूरत बनाना चाहता है. शहरों में बड़े बगीचे का सपना देखना तो अब मुश्किल लगता है. लेकिन घर की एक छोटी सी बालकनी आपको नेचर के करीब लाने का सबसे बढ़िया जरिया बन सकती है. बालकनी में पौधे न सिर्फ घर की खूबसूरती में चार चांद लग जाते हैं. बल्कि सुबह-शाम ठंडी और शुद्ध ताजी हवा का एक प्यारा कोना भी तैयार हो जाता है.
हालांकि ज्यादातर लोग इस उलझन में रहते हैं कि बालकनी की तेज हवा, कम जगह में कौन से पौधे सही सलामत टिक पाएंगे. अगर बिना सोचे-समझे गलत पौधे चुन लिए जाएं तो वे कुछ ही दिनों में सूख जाते हैं और मेहनत पर पानी फिर जाता है. इसलिए हमेशा ऐसे मजबूत पौधे चुनने चाहिए जो देखने में बेहद अट्रैक्टिव लगें और कम देखभाल में भी सालों-साल फलते-फूलते रहें. चलिए बताते हैं ऐसे ही 5 पौधों के बारे में जो बालकनी में लगाए जा सकते हैं.
मनी प्लांट और स्नेक प्लांट
अगर आपकी बालकनी में सीधी धूप बहुत कम देर के लिए आती है या फिर सिर्फ हल्की रोशनी ही पहुंच पाती है. तो मनी प्लांट और स्नेक प्लांट का कॉम्बो सबसे सही है. मनी प्लांट को आप मिट्टी के गमले से लेकर साधारण पानी की बोतल या हैंगिंग बास्केट में भी बहुत आसानी से ग्रो कर सकते हैं. इसकी हरी-भरी लहराती हुई बेलें बालकनी की ग्रिल और रेलिंग पर चढ़कर पूरे स्पेस को एक लग्जरी और मॉडर्न लुक दे देती हैं.
तो दूसरी तरफ स्नेक प्लांट अपनी लंबी, सीधी और मोटी तलवार जैसी पत्तियों के कारण देखने में काफी स्टाइलिश लगता है. आपको बता दें यह नासा की ओर से सर्टिफाइड नेचुरल एयर प्यूरीफायर पौधा है. जो आसपास की जहरीली हवा को सोखकर चौबीसों घंटे शुद्ध ऑक्सीजन देता है. इन दोनों ही पौधों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इन्हें बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं पड़ती. अगर आप हफ्ते में सिर्फ एक या दो बार भी पानी देंगे तब भी चलेगा.

तुलसी और एलोवेरा
भारतीय घरों की बालकनी का कोना पवित्र तुलसी और एलोवेरा के बिना अधूरा सा माना जाता है. तुलसी का पौधा बालकनी में लगाने से घर के पूरे माहौल में पॉजिटिव एनर्जी और एक बेहद सुखद भीनी-भीनी खुशबू बनी रहती है. इसके साथ ही इसकी ताजी हरी पत्तियां रोजाना की सुबह की चाय, घरेलू काढ़े और मौसमी सर्दी-जुकाम से बचाने में रामबाण की तरह काम आती हैं. तुलसी को अच्छी ग्रोथ के लिए दिन में तीन से चार घंटे की धूप और हल्की नम मिट्टी की जरूरत होती है.
तो वहीं एलोवेरा एक बेहद हार्डी और औषधीय सकुलेंट पौधा है. जो बिना किसी खास देखभाल के भी सालों-साल जिंदा रहता है. इसकी गूदेदार मोटी पत्तियों से निकलने वाला ताजा जेल स्किन केयर, बालों की मजबूती और छोटी-मोटी चोट या जलन में तुरंत ठंडक पहुंचाने का काम करता है. एलोवेरा को बहुत कम पानी चाहिए होता है. इसलिए जब गमले की मिट्टी पूरी तरह सूख जाए. तभी पानी डालना सबसे सही रहता है.
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जेड प्लांट और स्पाइडर प्लांट
बालकनी के लुक को एकदम मॉडर्न और ट्रेंडी टच देने के लिए जेड प्लांट के साथ स्पाइडर प्लांट एक बढ़िया जोड़ी है. गोल और चमकदार पत्तियों वाला जेड प्लांट देखने में मिनी बोनसाई जैसा लगता है और वास्तु के हिसाब से घर में गुड लक लाता है. इसे हल्की धूप पसंद होती है और यह पत्तियों में पानी स्टोर करके रखता है. वहीं दूसरी ओर स्पाइडर प्लांट अपनी लंबी, हरी-सफेद धारियों वाली खूबसूरत रिबन जैसी पत्तियों से बालकनी की रौनक बढ़ा देता है.

इसके छोटे-छोटे बेबी रनर्स जब गमले से बाहर लटकते हैं, तो हैंगिंग बास्केट में यह बेहद कमाल का दिखता है. यह पौधा हवा से टॉक्सिन्स साफ करने में माहिर है और कम रोशनी में भी बहुत तेजी से पनपता है. इन दोनों पौधों को ज्यादा पानी की जरूरत नहीं होती और यह बिना किसी दिक्कत के लंबे समय तक बालकनी को स्टाइलिश बनाए रखते हैं.
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