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छत पर लौकी की खेती करें, कम खर्च में पाएं ताजी सब्जी

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ABP News
August 29, 20264 min read
छत पर लौकी की खेती करें, कम खर्च में पाएं ताजी सब्जी

आजकल शहरों में केमिकल और जहरीले कीटनाशकों से तैयार सब्जियों को लेकर हर किसी के मन में डर रहता है. ऐसे में अगर आप भी अपने परिवार को रोज की डाइट में ताजी, हरी ऑर्गेनिक सब्जियां खिलाना चाहते हैं. तो घर की खाली पड़ी छत सबसे बेहतरीन जगह साबित हो सकती है. टेरेस फार्मिंग का चलन अब केवल एक शौक नहीं रहा बल्कि यह घर की बचत और सेहत सुधारने का स्मार्ट लाइफस्टाइल बन चुका है.

छत पर आसानी से उगाई जाने वाली सब्जियों में लौकी सबसे पहला और आसान ऑप्शन है. इसे उगाने के लिए न तो भारी-भरकम बजट की जरूरत होती है और न ही किसी बहुत बड़े सेटअप की. बस सही साइज का ग्रो बैग, उपजाऊ मिट्टी और धूप मिल जाए तो कुछ ही हफ्तों में आपकी छत पर हरी-भरी लौकियां नजर आने लगेंगी. चलिए आपको बताते हैं कि कैसे आप बेहद कम खर्च में छत पर भरपूर लौकी उगा सकते हैं.

सही ग्रो बैग चुनें और उपजाऊ मिट्टी तैयार करें

छत पर लौकी की बेल को फैलने और अच्छी पैदावार देने के लिए जड़ों का मजबूत होना बेहद जरूरी है. इसलिए हमेशा कम से कम 15x15 इंच या 18x18 इंच साइज का बड़ा ड्रेनेज होल वाला ग्रो बैग लेना सही रहता है. या फिर आप प्लास्टिक का गमला भी ले सकते हैं.

अब सबसे जरूरी काम है हल्की और पोषण से भरपूर मिट्टी तैयार करना. इसके लिए 40 प्रतिशत सामान्य गार्डन मिट्टी, 40 प्रतिशत अच्छी तरह सड़ी हुई गोबर की खाद या वर्मीकम्पोस्ट और 20 प्रतिशत कोकोपीट को आपस में अच्छे से मिला लें.

कोकोपीट मिलाने से मिट्टी का वजन छत पर ज्यादा नहीं बढ़ता और उसमें नमी बनी रहती है. कीड़ों और फंगस से बचाव के लिए इस मिश्रण में दो मुट्ठी नीम की खली जरूर मिला दें. बीजों को बोने से पहले रात भर पानी में भिगोकर रखें, जिससे उनका अंकुरण तेजी से होता है. जब बीज से पौधे 3 से 4 इंच बड़े हो जाएं, तो सबसे मजबूत पौधे को ही बढ़ने दें.


इन तरीकों से मिलेंगे ढेरों फल

लौकी एक बेल वाली सब्जी है. इसलिए जैसे ही पौधा 1 से 2 फीट का हो जाए उसे ऊपर चढ़ाने के लिए सुतली, बांस या क्रीपर नेट की मदद से मजबूत मचान जरूर बनाएं. छत पर ढेरों लौकी पाने का सबसे बड़ा सीक्रेट है 3G कटिंग तकनीक. जब मुख्य बेल लगभग 6 से 7 फीट लंबी हो जाए तो उसके सबसे ऊपरी सिरे को चुटकी से काट दें. इसके बाद बगल से निकलने वाली नई शाखाओं पर मुख्य रूप से मादा फूल आते हैं. जिनसे फल बनते हैं.

अगर छत पर तितलियों का आना-जाना कम है. तो सुबह के वक्त नर फूल को तोड़कर उसके परागकण को मादा फूल के बीच में हल्के हाथों से छूकर हैंड पॉलिनेशन कर दें. इस छोटी सी ट्रिक को अपनाते ही फूलों का सूखकर गिरना पूरी तरह बंद हो जाएगा और हर फूल से हरी-भरी चमकदार लौकी तैयार होने लगेगी.


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इन बातों का रखें ध्यान

छत पर सीधी धूप पड़ने के चलते पौधों को सही समय पर पानी देना बेहद जरूरी होता है. हमेशा ध्यान रखें कि गमले की मिट्टी में सिर्फ हल्की नमी रहनी चाहिए उसमें पानी खड़ा न रहे. गर्मियों में दिन में दो बार और सामान्य दिनों में एक बार सुबह पानी देना काफी रहता है. बेल की अच्छी बढ़वार के लिए हर 15 दिन में घर पर बनी प्याज के छिलकों की लिक्विड खाद या सरसों की खली का पानी जड़ में डालें. जिससे पौधे को नेचुरल पोटाश और नाइट्रोजन मिलता रहे.

कीटों और फंगस के हमले से बेल को सुरक्षित रखने के लिए बाजार के केमिकल छिड़कने के बजाय घर पर ही नीम के तेल की कुछ बूंदें हल्के साबुन के पानी में मिलाकर हर 10 दिन में स्प्रे करें. इस आसान देखभाल से बुवाई के लगभग 50 से 60 दिनों के भीतर आपको अपनी ही छत से एकदम ताजी और केमिकल-फ्री लौकी की लगातार पैदावार मिलने लगेगी.

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