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Bharat Rice: भारत राइस के लिए सीधे सरकार को कैसे बेचें चावल, कितना होता है मुनाफा?

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ABP News
November 8, 2026•3 min read
Bharat Rice: भारत राइस के लिए सीधे सरकार को कैसे बेचें चावल, कितना होता है मुनाफा?

Bharat Rice: भारत राइस का नाम सुनकर कई किसानों के मन में सवाल आता है कि, क्या वो भी अपना चावल सीधे सरकार को बेच सकते हैं? अगर हां, तो इसके लिए कहां संपर्क करना होगा और सरकार चावल का कितना पैसा देती है? यहां एक जरूरी बात समझना जरूरी है कि, भारत राइस के तहत सरकार आमतौर पर किसानों से सीधे तैयार चावल नहीं खरीदती.

यह योजना सरकारी स्टॉक के चावल को आम लोगों तक सस्ती कीमत पर पहुंचाने के लिए शुरू की गई है. किसानों के लिए सरकारी खरीद का रास्ता मुख्य रूप से धान की खरीद और न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से जुड़ा है.

भारत राइस के लिए चावल कहां से आता है?

भारत राइस योजना की शुरुआत आम लोगों को कम कीमत पर चावल उपलब्ध कराने के लिए की गई थी. इसके तहत भारतीय खाद्य निगम (FCI) के सरकारी स्टॉक से चावल लेकर उसे भारत राइस ब्रांड के नाम से बेचा जाता है. इसकी बिक्री नैफेड (NAFED), एनसीसीएफ (NCCF) और केंद्रीय भंडार जैसी सरकारी सहकारी संस्थाओं के जरिए होती है. यानी किसान अपनी तैयार फसल लेकर सीधे भारत राइस के नाम पर सरकार को नहीं बेच सकते.

किसान सरकार को कैसे बेच सकते हैं धान?

अगर किसान अपनी फसल सरकारी खरीद में बेचना चाहते हैं, तो उन्हें धान की खरीद प्रक्रिया में हिस्सा लेना होगा. इसके लिए अपने राज्य के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग या कृषि विभाग की ओर से चलाए जा रहे पोर्टल पर पंजीकरण कराना होता है. कई राज्यों में किसान नजदीकी सरकारी खरीद केंद्र या कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) की मदद से भी रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं.

रजिस्ट्रेशन के दौरान आमतौर पर आधार कार्ड, बैंक खाते की जानकारी, जमीन से जुड़े कागजात और मोबाइल नंबर की जरूरत पड़ती है. प्रक्रिया पूरी होने के बाद किसान तय खरीद केंद्र पर अपना धान लेकर जा सकते हैं. वहां धान की क्वालिटी और तय मानकों की जांच की जाती है. मानक पूरे होने पर सरकारी एजेंसी धान खरीदती है और भुगतान किसान के बैंक खाते में भेजा जाता है. नियम और रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया राज्य के हिसाब से अलग हो सकती है.

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कितना मिलता है धान का भाव और कितनी होगी कमाई?

खरीफ मार्केटिंग सीजन 2026-27 के लिए धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) तय किया गया है. सामान्य धान का भाव 2,441 रुपये प्रति क्विंटल और ग्रेड-ए धान का भाव 2,461 रुपये प्रति क्विंटल है. यानी अगर कोई किसान 100 क्विंटल सामान्य धान सरकारी खरीद केंद्र पर बेचता है, तो उसे करीब 2,44,100 रुपये मिलेंगे. वहीं, ग्रेड-ए धान के 100 क्विंटल बेचने पर करीब 2,46,100 रुपये मिल सकते हैं.

धान से चावल बनने के बाद क्या होता है?

सरकारी एजेंसियां किसानों से खरीदे गए धान को मिलों में भेजती हैं. वहां उसकी मिलिंग करके चावल तैयार किया जाता है. तय नियमों के मुताबिक तैयार चावल सरकारी भंडार में जमा होता है. इसी सरकारी स्टॉक का कुछ हिस्सा भारत राइस के रूप में आम लोगों को बेचने के लिए दिया जाता है. इसलिए किसान के लिए सीधा रास्ता धान को सरकारी खरीद केंद्र पर बेचना है, न कि भारत राइस के नाम पर तैयार चावल की बिक्री करना.

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