खेती में मुनाफा कमाने के लिए सिर्फ बड़ी फसलों पर निर्भर रहना जरूरी नहीं है. किसान अगर मौसम और बाजार की मांग को ध्यान में रखकर खेती करें, तो कम समय में तैयार होने वाली सब्जियों से भी अतिरिक्त आमदनी कर सकते हैं. खासकर सर्दियों का मौसम सब्जियों की खेती के लिए अच्छा माना जाता है. इस दौरान बाजार में हरी पत्तेदार सब्जियों के साथ मूली, गाजर और दूसरी मौसमी सब्जियों की मांग बढ़ जाती है.
नवंबर का महीना ऐसे किसानों के लिए उपयोगी हो सकता है, जिनके खेत खरीफ फसल की कटाई के बाद खाली पड़े हैं. किसान इन खेतों में कम अवधि वाली सब्जियां लगा सकते हैं, जिनकी कुछ किस्मों से दिसंबर में ही पत्तियों या जड़ों की शुरुआती तुड़ाई शुरू हो सकती है. जानिए ऐसी सब्जियों के बारे में, जिन्हें अभी लगाकर आप अच्छी आमदनी कर सकते हैं.
पालक की खेती से शुरू करें कमाई
सर्दियों में पालक की मांग काफी रहती है. इसकी खेती के लिए नवंबर का महीना अच्छा माना जाता है. किसान खाली खेत में पालक के बीज सीधे बो सकते हैं. इसकी पत्तियां जल्दी तैयार होती हैं और सामान्य परिस्थितियों में करीब 30-50 दिनों में पहली कटाई की जा सकती है. एक बार फसल तैयार होने के बाद पत्तियों की कई बार कटाई संभव है. पालक की खेती के लिए भुरभुरी और उपजाऊ मिट्टी अच्छी रहती है. वहीं खेत में पर्याप्त नमी बनाए रखना भी जरूरी होता है. आप पालक की ऐसी किस्मों का चयन करें, जो आपके क्षेत्र के मौसम के अनुकूल हों.
मेथी की खेती से मिलेगा जल्दी उत्पादन
मेथी ऐसी सब्जी है, जिसकी मांग सर्दियों में घरों और बाजारों दोनों जगह रहती है. इसकी पत्तियों का इस्तेमाल सब्जी, पराठे और दूसरे व्यंजनों में किया जाता है. ऐसे में आप नवंबर में मेथी की बुवाई कर के अच्छी आमदनी पा सकते हैं. मेथी की हरी पत्तियां सामान्य तौर पर 25-45 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती हैं. इसकी खेती में ज्यादा कठीन तकनीक की जरूरत नहीं होती. खेत तैयार करके बीज की बुवाई की जा सकती है. वहीं नियमित सिंचाई और खरपतवार नियंत्रण से अच्छी गुणवत्ता की पत्तियां हासिल कर सकते हैं.
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मूली की खेती भी है अच्छा विकल्प
मूली सर्दियों की प्रमुख सब्जियों में शामिल है. नवंबर में इसकी किस्मों की बुवाई करके किसान बाजार में अच्छी मांग का फायदा उठा सकते हैं. मूली की फसल सामान्य तौर पर 40-70 दिनों में खुदाई के लिए तैयार हो जाती है. मूली की खेती के लिए भुरभुरी और अच्छी जल निकासी वाली दोमट मिट्टी बेहतर मानी जाती है. इसकी जड़ों के विकास के दौरान खेत में पर्याप्त नमी बनाए रखना जरूरी है. वहीं समय पर खुदाई करने से मूली की गुणवत्ता अच्छी रहती है.
धनिया की खेती से भी होगी अतिरिक्त कमाई
धनिया का इस्तेमाल लगभग हर भारतीय रसोई में होता है. सर्दियों में इसकी हरी पत्तियों की मांग बढ़ जाती है. किसान नवंबर में खाली खेतों में धनिया की बुवाई कर सकते हैं. इसकी हरी पत्तियों की पहली कटाई करीब 30-45 दिनों में की जा सकती है. धनिया की खेती के लिए खेत में नमी बनाए रखना जरूरी है. बीज बोने से पहले उन्हें हल्का रगड़कर दो हिस्सों में बांटने से अंकुरण में मदद मिल सकती है. साथ ही किसान हरी पत्तियों के अलावा बीज उत्पादन के लिए भी इसकी खेती कर सकते हैं.
बुवाई से पहले इन बातों का रखें ध्यान
किसानों को सब्जियों की खेती शुरू करने से पहले अपने आसपास की मंडियों में उनकी मांग और भाव की जानकारी जरूर लेनी चाहिए. एक साथ पूरे खेत में एक ही सब्जी लगाने के बजाय अलग-अलग सब्जियों की खेती करना बेहतर विकल्प होता है. इससे बाजार में किसी एक सब्जी के भाव गिरने पर नुकसान का जोखिम कम किया जा सकता है. इसके अलावा खेती के लिए प्रमाणित बीज का चुनाव, खेत में सड़ी हुई गोबर की खाद का इस्तेमाल करना और जरूरत के अनुसार सिंचाई करना बेहतर होता है. हर 10-15 दिन के अंतराल पर थोड़ी-थोड़ी बुवाई करने से बाजार में लगातार ताजा सब्जियां पहुंचाई जा सकती हैं.
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