Ganne Ki Kheti: गन्ने की खेती करने वाले किसानों के लिए अच्छी खबर है. लंबे समय से किसान ऐसी किस्म का इंतजार कर रहे थे, जो पुरानी लोकप्रिय किस्म सी.ओ. 0238 का अच्छा विकल्प बन सके. दरअसल, सी.ओ. 0238 में लाल सड़न रोग लगने की वजह से किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा था.
अब वैज्ञानिकों ने इसका विकल्प तैयार कर लिया है. गन्ने की नई किस्म का नाम को.शा. 23232 रखा गया है. परीक्षण के दौरान इस किस्म की औसत पैदावार करीब 95 टन प्रति हेक्टेयर तक मिली है. इसके साथ ही चीनी की रिकवरी के मामले में भी इसके अच्छे नतीजे सामने आए हैं.
सी.ओ. 0238 की जगह ले सकती है नई किस्म
सी.ओ. 0238 गन्ने की ऐसी किस्म रही है, जिसे किसान बड़े पैमाने पर लगाते थे. लेकिन पिछले कुछ सालों में इस किस्म पर लाल सड़न रोग का असर बढ़ने लगा. इस बीमारी की वजह से गन्ने के पौधे अंदर से खराब होने लगते हैं और कई बार पूरी फसल बर्बाद हो जाती है. इससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है.
इसी परेशानी को देखते हुए वैज्ञानिकों ने नई किस्म तैयार करने पर काम किया. को.शा. 23232 को लाल सड़न रोग के प्रति मध्यम रूप से रोगरोधी बताया गया है. यानी इस किस्म में बीमारी का असर झेलने की कुछ क्षमता है, लेकिन किसानों को फिर भी फसल की नियमित निगरानी करनी होगी.
तेजी से बढ़ता है गन्ना, समय पर करें बंधाई
नई किस्म की एक खास बात यह है कि, इसके पौधों की बढ़वार तेजी से होती है. ऐसे में किसानों को समय पर गन्ने की बंधाई करने की सलाह दी गई है. बंधाई करने से गन्ने के पौधे गिरने से बचते हैं. साथ ही खेत में हवा और धूप का आना-जाना भी ठीक रहता है. इससे पौधों की बढ़वार और गन्ने के विकास में मदद मिलती है.
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एक हेक्टेयर में 95 टन तक पैदावार
पैदावार के मामले में भी को.शा. 23232 ने अच्छे नतीजे दिए हैं. अलग-अलग परीक्षणों में इसकी औसत पैदावार करीब 95 टन प्रति हेक्टेयर पाई गई है. चीनी मिलों में भी इस किस्म का परीक्षण किया गया, जहां इसके नतीजे अच्छे रहे. चीनी की रिकवरी के मामले में भी इसने बेहतर प्रदर्शन किया है. इससे किसानों के साथ-साथ चीनी मिलों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है.
मिनी किट से मिलेगा नई किस्म का बीज
फिलहाल इस किस्म का बीज किसानों को मिनी किट के जरिए दिया जा रहा है. यानी शुरुआत में उन्हें थोड़ी मात्रा में बीज उपलब्ध कराया जाएगा. वैज्ञानिकों की सलाह है कि किसान इस बीज को खेत में लगाएं और उससे तैयार होने वाले स्वस्थ गन्ने से आगे के लिए बीज तैयार करें. इससे धीरे-धीरे उनके पास बीज की मात्रा बढ़ सकेगी. आने वाले समय में इस किस्म का बीज ज्यादा किसानों तक पहुंचाने की तैयारी है.
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