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Floriculture Subsidy: किन राज्यों में फूल की खेती पर मिलती है 100% सब्सिडी? यहां देखें लिस्ट

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ABP News
November 6, 2026•3 min read
Floriculture Subsidy: किन राज्यों में फूल की खेती पर मिलती है 100% सब्सिडी? यहां देखें लिस्ट

Flower Farming Subsidy: किसानों के लिए फूलों की खेती कमाई का अच्छा विकल्प बन सकती है. गेंदा, गुलाब, रजनीगंधा और जरबेरा जैसे फूलों की मांग शादी-ब्याह, पूजा-पाठ और सजावट में बनी रहती है. यही वजह है कि सरकार भी किसानों को फूलों की खेती के लिए प्रोत्साहित कर रही है. इसके लिए अलग-अलग राज्यों में सब्सिडी दी जाती है.

लेकिन क्या आप जानते हैं कि, कुछ जगहों पर खास कामों के लिए 100 फीसदी तक मदद का प्रावधान है? हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि हर किसान को फूलों की खेती का पूरा खर्च सरकार देगी. आइए जानते हैं किन राज्यों में क्या सुविधा मिल रही है.

झारखंड में 100 फीसदी सब्सिडी का दावा

झारखंड में उद्यान विभाग की ओर से राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना के तहत फूलों की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है. योजना के तहत पात्र किसानों को 100 फीसदी तक अनुदान दिया जा रहा है. इसका लाभ लेने के लिए किसान के पास अपनी कृषि भूमि होना जरूरी है. जमीन के मालिक किसान फूलों की खेती के लिए योजना के तहत आवेदन कर सकते हैं. हालांकि, अनुदान और पात्रता की मौजूदा शर्तों की जानकारी आवेदन से पहले संबंधित विभाग से जरूर लेनी चाहिए.

मेघालय में फूलों की खेती के लिए मदद

मेघालय सरकार की फ्लोरीकल्चर डेवलपमेंट स्कीम के तहत किसानों को फूलों के पौधे और दूसरी जरूरी सामग्री पर 50 फीसदी सब्सिडी दी जाती है. इसके अलावा कम से कम 100 वर्ग मीटर की यूनिट के लिए कम लागत वाला पॉलीहाउस मुफ्त देने का प्रावधान भी है. योजना में जैविक खाद और दूसरी जरूरी सामग्री की मदद भी शामिल है. इसके लिए किसान अपने ब्लॉक या जिले के उद्यान विकास अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं.

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केरल में किन किसानों को मिलती है 100% मदद?

केरल में फ्लोरी विलेज योजना के तहत एससी और एसटी वर्ग के किसानों को पौध सामग्री खरीदने पर 100 फीसदी तक सहायता देने का प्रावधान है. वहीं, सामान्य वर्ग के किसानों को 75 फीसदी तक मदद मिल सकती है. इसके अलावा फूलों की खेती की लागत में 50 फीसदी सहायता का भी प्रावधान है. ध्यान रहे कि यह मदद योजना की तय शर्तों और उपलब्ध बजट के हिसाब से मिलती है.

दूसरे राज्यों में भी मिलती है सब्सिडी

हरियाणा में फूलों की खेती के लिए प्रति एकड़ 8,000 से 40,000 रुपये तक सब्सिडी दी जा रही है. इसके लिए किसान को मेरी फसल-मेरा ब्यौरा और हॉर्टनेट पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी है. वहीं, तमिलनाडु में गेंदा, चमेली और गुलाब जैसी फूलों की खेती पर 40 फीसदी तक सहायता मिलती है. बिहार में भी गेंदे की खेती के लिए 50 फीसदी सब्सिडी वाली फूल विकास योजना चलाई जाती है.

आवेदन से पहले ये बात जरूर जान लें

  • किसान भाई फूलों की खेती शुरू करने से पहले अपने जिले के उद्यान विभाग में जाकर योजना की जानकारी लें.
  • आधार कार्ड, जमीन के कागजात, बैंक पासबुक और किसान पंजीकरण जैसे दस्तावेज मांगे जा सकते हैं.
  • सब्सिडी की रकम, खेती का रकबा और पात्रता हर योजना में अलग हो सकती है.
  • इसलिए आवेदन मंजूर होने और अनुदान की शर्तें समझने के बाद ही खेती पर पैसा लगाएं.
  • साथ ही अपने आसपास फूलों की मांग और बिक्री के बाजार का पता भी जरूर करें.

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