अगर आप खेती में कुछ हटकर ऐसा करना चाहते हैं जो सालों-साल आपकी जेब भरता रहे तो फलों की बागवानी से बढ़कर कुछ नहीं है. इन दिनों किसानों का रुझान पारंपरिक अनाज से हटकर बागवानी की तरफ तेजी से बढ़ रहा है. और इसमें भी मौसंबी की खेती भी शामिल है. बाजार में मौसंबी के जूस और फल की डिमांड पूरे साल बनी रहती है. क्योंकि सेहत के लिहाज से डॉक्टर भी इसे हर मरीज को खाने की सलाह देते हैं.
अगर आपके पास एक एकड़ जमीन है और आप लंबे समय तक चलने वाली मुनाफे की खेती करना चाहते हैं. तो यह ऑप्शन आपके लिए एकदम सही साबित हो सकता है. बहुत से किसान सोचते हैं कि बागवानी में बहुत लंबा इंतजार करना पड़ता है और लागत भी बहुत ज्यादा होती है. लेकिन एक बार पेड़ तैयार हो गए तो यह आपको मालामाल कर देंगे. चलिए आपको बताते हैं कि एक एकड़ में मौसंबी की खेती करने पर कितनी लागत आती है और मुनाफा कितना हो सकता है.
एक एकड़ में पौधे लगाने की कुल लागत
खेती कोई भी हो शुरू में आपको उसमें पैसे लगाने पड़ते हैं. तब जाकर बाद में मुनाफा मिलता है. अगर एक एकड़ में मौसंबी की बागवानी शुरू करने की आती है. तो सबसे पहले खेत की जुताई, खाद और बढ़िया क्वालिटी के पौधों का इंतजाम करना पड़ता है. एक एकड़ जमीन में आमतौर पर 150 से 200 पौधे आसानी से आ जाते हैं. बशर्ते पौधों के बीच में सही दूरी जैसे 15x15 फीट रखी जाए जिससे उन्हें फैलने की पूरी जगह मिले.
अच्छी नर्सरी से मौसंबी के पौधे खरीदने पर प्रति पौधा खर्च 50 से 100 रुपये तक आ जाता है. इसके अलावा खेत की तैयारी, गड्ढा खुदवाना, गोबर की खाद और ड्रिप सिंचाई का सेटअप लगवाने में शुरुआती डेढ़ से दो लाख रुपये तक का खर्च बैठ जाता है. हालांकि यह खर्च आपको एक ही बार करना होता है और अगर सरकार की बागवानी योजनाओं का फायदा उठाएं सब्सिडी भी मिल जाती है जिससे आपका खर्च और कम हो जाता है.

देखरेख के जरूरी नियम
पौधे लगाने के करीब 3 से 4 साल बाद जाकर पेड़ पूरी तरह से फल देने लायक तैयार होते हैं. हालांकि तीसरे साल से ही हल्की-फुल्की पैदावार शुरू हो जाती है. इन शुरुआती सालों में आपको पौधों की सिंचाई, निराई-गुड़ाई और समय पर खाद-पानी का खास ख्याल रखना पड़ता है जिससे तना मजबूत हो सके. आपको बता दें कि जब तक मुख्य पेड़ बड़े हो रहे हैं.
तब तक आप एक एकड़ के खाली बीच वाले हिस्से में मौसमी सब्जियां या कम अवधि वाली फसलें जैसे मूंग, चना या हरी सब्जियां उगाकर भी कुछ कमाई कर सकते हैं. इससे आपकी लागत का कुछ हिस्सा तो वैसे ही निकल आता है. पेड़ों को कीट और फंगस से बचाने के लिए समय पर स्प्रे करना जरूरी है. जिससे पौधे स्वस्थ रहें और आने वाले वक्त में आपको अच्छी पैदावार दे सकें.
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एक सीजन में लाखों का मुनाफा
अब बात करते हैं काम की यानी इससे होने वाली कमाई की, जब एक एकड़ में लगे मौसंबी के पेड़ 4-5 साल के हो जाते हैं. तो प्रति पेड़ आराम से 40 से 60 किलो तक फल निकल आता है. इस हिसाब से एक एकड़ में मीठे और रसदार फलों का बंपर उत्पादन होता है. और जब आप इन्हें सीधा थोक मंडी या जूस विक्रेताओं को बेचते हैं. तो भाव भी बढ़िया मिलता है.
सारे खर्च खाद, पानी और देखरेख काटने के बाद भी एक एकड़ से किसान सालाना 3 से 5 लाख रुपये का मुनाफा आसानी से कमा लेते हैं. जैसे-जैसे पेड़ पुराने और बड़े होते जाते हैं. फलों की पैदावार और कमाई दोनों बढ़ती जाती है. अगर आपके पास जमीन है और आप लॉन्ग-इन्वेस्टमेंट का प्लान कर रहे हैं. तो मौसंबी की खेती आपके लिए फायदे का सौदा साबित होगी.

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