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मौसम की मार से खराब हो गई फसल, PMFBY के लिए ऐसे करें अप्लाई

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ABP News
September 26, 2026•4 min read
मौसम की मार से खराब हो गई फसल, PMFBY के लिए ऐसे करें अप्लाई

खेती के लिए मौसम का साथ देना बहुत जरूरी होता है लेकिन कई बार ऐसा नहीं होता. और जब मौसम का मिजाज बिगड़ता है. तो इसका नुकसान किसान को होता है. कभी बेमौसम मूसलाधार बारिश, कभी भयंकर ओलावृष्टि तो कभी सूखा यह सबने मिलकर किसानों की मेहनत पर पानी फेर देत है. पर अब आपको घबराने या परेशान होने की बिल्कुल जरूरत नहीं है. क्योंकि सरकार की पीएम फसल बीमा योजना इस मुसीबत के वक्त में आपका साथ देती है.

अगर आपकी फसल भी इस बार मौसम की मार का शिकार हुई है. तो आपके नुकसान की भरपाई का इंतजाम सरकार ने कर रखा है. इसके लिए बस आपको सही समय पर कुछ जरूरी कदम उठाने हैं और बीमा का पैसा आपके खाते में पहुंच जाएगा. तो चलिए आपको बताते हैं कि इस आपदा के समय कैसे अप्लाई करना है और किन-किन बातों का खास ख्याल रखना है.

सबसे पहले क्या करें?

ऐसे नुकसानों में टाइमिंग का ध्यान रखना बहुत जरूरी है. अगर खेत में पानी भर गया है ओले गिर गए हैं या फसल पूरी तरह खराब हो गई है. तो घर बैठकर हाथ पर हाथ धरकर मत बैठिए. नियम यह है कि फसल खराब होने के ठीक 72 घंटे यानी 3 दिन के भीतर आपको इसकी जानकारी संबंधित बीमा कंपनी, बैंक या कृषि विभाग को देनी होगी.

आप चाहें तो इसके लिए सीधे PMFBY के ऑफिशियल पोर्टल पर जा सकते हैं या फिर उनके हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं. इसके अलावा सरकार का Crop Insurance ऐप भी आपके फोन में होना चाहिए

जिससे आप सीधे अपने खेत की फोटो खींचकर अपलोड कर सकते हैं. शिकायत दर्ज करते वक्त खसरा नंबर, जमीन के कागजात और नुकसान का सही कारण जरूर बताएं. जितना जल्दी आप बताएंगे सर्वे करने वाली टीम उतनी ही जल्दी आपके खेत तक पहुंचेगी और आपका काम आसान हो जाएगा.


किन डाॅक्यूमेंट्स की होगी जरूरत?

अब बात करते हैं इसके लिए कौन-कौन से डाॅक्यूमेंट्स चाहिए और फॉर्म कैसे भरा जाएगा? तो आपको बता दें कि आपके पास आधार कार्ड, बैंक पासबुक जिसमें पैसा आना है वह, जमीन के कागजात या खसरा-खतौनी और फसल बुवाई का प्रमाण जैसे पटवारी की रिपोर्ट या सेल्फ डिक्लेरेशन होना चाहिए.

ऑनलाइन आवेदन कैसे कर सकते हैं?

ऑनलाइन अप्लाई करने के लिए PMFBY की वेबसाइट पर Farmer Corner का ऑप्शन मिलता है जहां रजिस्टर करके आप खुद सारी डिटेल्स भर सकते हैं. बस ध्यान ये रखना है कि कोई भी जानकारी गलत न हो, वरना वेरिफिकेशन के वक्त दिक्कत आ सकती है.

कैसे भरना होगा प्रीमियम?

अगर आपने पहले से बैंक से किसान क्रेडिट कार्ड या लोन ले रखा है. तब तो बैंक वाले अपने आप ही बीमा का प्रीमियम काट लेते हैं. लेकिन अगर आपने लोन नहीं लिया है. तो आप खुद नजदीकी जन सेवा केंद्र या बैंक शाखा में जाकर इस योजना के लिए प्रीमियम भर सकते हैं.


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मुआवजा मिलने में कितना वक्त लगता है?

बहुत से किसानों के मन में यह सवाल रहता है कि सब कुछ करने के बाद आखिर पैसा कब खाते में आएगा? तो बता दें कि शिकायत दर्ज होने के बाद बीमा कंपनी के नुमाइंदे खेत का मुआयना करने आते हैं. जब रिपोर्ट फाइनल हो जाती है. तो आमतौर पर कुछ हफ्तों से लेकर डेढ़-दो महीने के भीतर डीबीटी के जरिए सीधा आपके बैंक अकाउंट में मुआवजे की रकम ट्रांसफर कर दी जाती है.

किन बातों का रखना है ख्याल?

आखिरी और सबसे जरूरी बात अप्लाई करते वक्त रसीद या शिकायत संख्या संभालकर जरूर रखें. क्योंकि वही आपका प्रूफ है. योजना में मुआवजे के लिए सीधे सरकारी पोर्टल या फिर अपने जिले के कृषि अधिकारी से संपर्क करें. अगर आपकी भी फसल बर्बाद हुई है. तो आज ही इन स्टेप्स को फॉलो करें और अपना हक पाएं.

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