उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में पाई जाने वाली बद्री गाय देश की प्रमुख स्वदेशी गाय नस्लों में शामिल है. इसे पहाड़ों की खास गाय भी कहा जाता है. भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के अनुसार, बद्री मवेशी उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में पाए जाते हैं. यह गाय आकार में छोटी होती है और पहाड़ी जलवायु व कठिन पहाड़ी इलाकों के अनुकूल मानी जाती है. बद्री गाय उन पशुपालकों के लिए खास विकल्प हो सकती है जो पहाड़ी क्षेत्रों में देसी नस्ल का पशुपालन करना चाहते हैं. ऐसे में आइए जानते हैं बद्री नस्ल की गाय के बारे में कुछ अन्य बातें.
बद्री गाय की कीमत कितनी है?
बद्री गाय की कोई एक तय बाजार कीमत नहीं है. इसकी कीमत गाय की उम्र, स्वास्थ्य, दूध देने की स्थिति, नस्ल की शुद्धता और दूध उत्पादन के आधार पर निर्भर करती है. हालांकि, यह माना जाता है कि बद्री गाय के दूध और घी की कीमत बाजार में बहुत अधिक होती है.
दिन में कितना दूध देती है बद्री गाय?
दूध उत्पादन के मामले में बद्री गाय ज्यादा दूध देने वाली नस्ल नहीं है. बद्री गाय सामान्य तौर पर करीब 1 से 3 लीटर प्रतिदिन दूध देने वाली गाय है. हालांकि किसी भी पशु की दूध देने की क्षमता उसकी बेहतर देखभाल पर निर्भर करती है.
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बद्री गाय की खासियत
बद्री गाय की सबसे बड़ी खासियत इसका पहाड़ी वातावरण में आसानी से रहना है. ICAR के अनुसार यह पहाड़ी इलाकों की जलवायु और परिस्थितियों के अनुकूल है और रोगों से लड़ने के लिए भी जानी जाती है. इसका शरीर छोटा होता है और पैर लंबे होते हैं. यही बनावट इसे पहाड़ी क्षेत्रों में चलने और चरने में मदद करती है. इसके अलावा बद्री गाय के दूध और उससे बने उत्पादों की स्थानीय बाजार में अधिक मांग होती है.
दूध कम उत्पाद महंगे
बद्री गाय की सबसे बड़ी चुनौती इसका कम दूध उत्पादन है. आमतौर पर यह गाय रोजाना कुछ लीटर ही दूध देती है. दूसरी तरफ, इसके दूध से बने घी और अन्य उत्पादों की कीमत कई जगह सामान्य डेयरी उत्पादों से अधिक बताई गई है. बद्री गाय के घी की कीमत 4,000 से 5,500 रुपये प्रति किलो तक बताई गई है. इसलिए बद्री गाय को पालने से होने वाली कमाई केवल दूध की मात्रा से तय नहीं होती. हालांकि पशुपालक दूध से घी और पनीर जैसे उत्पाद तैयार करके बाजार में बेच कर अच्छी आमदनी हासिल कर सकते हैं.
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