खेती में मौसम का बहुत बड़ा योगदान होता है. अगर सही में बुवाई कर दी गई और मौसम अनुकूल रहा तो फसल अच्छी होगी. फसल अच्छी होगी तो कमाई अच्छी होगी. सितंबर का महीना लगभग खत्म होने जा रहा है. जैसे ही अक्टूबर का महीना शुरू होता है और हल्की-हल्की गुलाबी ठंडक हवा में घुलने लगती है. यह समय खेत के लिए अच्छी शुरुआत माना जाता है. मानसून की विदाई और कड़ाके की ठंड के आने ठीक बीच का यह समय कई ऐसी सब्जियों के लिए एकदम परफेक्ट होता है.
जो सर्दियों के सीजन में बंपर पैदावार और ताबड़तोड़ मुनाफा देती हैं. इस मौसम में न तो बहुत ज्यादा चिलचिलाती धूप होती है और न ही पौधों को गलाने वाली ठंड. जिससे बीज का अंकुरण और पौधों की ग्रोथ बहुत तेजी से होती है. अगर आप भी इस अक्टूबर अपने खेतों में सही सब्जियों के बीज डाल देते हैं. तो आने वाले कुछ ही महीनों में आप तगड़ी कमाई कर सकते हैं.
फूलगोभी और पत्तागोभी की करें बुवाई
अक्टूबर के महीने में खेती की बात आते ही सबसे पहला नाम गोभी का आता है. जिसकी मांग बाजार में हमेशा आसमान छूती रहती है. इस दौरान अगर आप अपने खेत में अगेती या मीडियम किस्म की फूलगोभी और पत्तागोभी के पौधे लगाते हैं. तो सर्दियों के पीक सीजन तक आपकी फसल बिल्कुल तैयार हो जाएगी. गोभी की खेती के लिए अक्टूबर की हल्की ठंड और नम मिट्टी सबसे अनुकूल मानी जाती है.
जिससे पौधे तेजी से बढ़ते हैं और उन पर कीड़े-मकोड़ों का हमला भी काफी कम होता है. सही समय पर की गई रोपाई से तैयार हुए गोभी के ठोस और सफेद फूल जब आप स्थानीय मंडी में लेकर जाएंगे. तो आपको थोक भाव में बहुत ही तगड़े दाम मिलेंगे. किसान चाहें तो नर्सरी से तैयार पौधे लाकर सीधे अपने खेतों की मेड़ों या फिर क्यारियों में लगा सकते है. जिससे कम मेहनत में सर्दियों के दौरान कमाई का सही बंदोबस्त हो जाता है.

हरी मटर और गाजर लगाकर खेत से कमाएं मुनाफा
सर्दियों के मौसम की गोभी के साथ-साथ हरी मटर और गाजर की भी खूब डिमांड रहती है. अक्टूबर का महीना इन दोनों ही फसलों के बीजों की बुवाई के लिए सबसे सही माना जाता है. क्योंकि इस दौरान तापमान कम होने से दाने मीठे और मोटे बैठते हैं. अगर आप खेत में मटर की अगेती किस्में बोते हैं. तो सर्दियों की शुरुआत में ही सबसे पहले हरी मटर तोड़कर बेचने का मौका मिल जाएगा.
जिसके भाव शुरुआती दौर में बहुत ऊंचे मिलते हैं. वहीं दूसरी तरफ भुरभुरी और रेतीली मिट्टी में गाजर के बीज डालकर हल्की सिंचाई करने से जड़ें बहुत शानदार तरीके से ग्रो होती हैं. इन दोनों ही फसलों की सबसे बड़ी खूबी यह होती है कि इनके लिए बहुत ज्यादा बड़े खेतों की जरूरत नहीं होती. बल्कि छोटे किसान भी कम लागत लगाकर इनसे हजारों-लाखों रुपये का मुनाफा आसानी से कमा सकते हैं.

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हरी पत्तेदार सब्जियां और मूली
अक्टूबर की ठंडी हवाओं के में हरी मूली, पालक, मेथी, धनिया और बथुआ जैसी पत्तेदार सब्जियों आसानी से उगती है. अक्टूबर में उगाने से इनकी पत्तियां चौड़ी, हरी और एकदम ताजी निकलती हैं. जिन्हें शहर से बाजार से लेकर गांव तक में तुरंत बिक जाती हैं. इसके साथ ही अगर आप इसी महीने में मूली की बुवाई करते हैं तो कुछ ही हफ्तों में आपको जमीन के अंदर से एकदम कुरकुरी और सफेद मूली की बंपर पैदावार मिलने लगेगी.
इन सब्जियों का सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि इनकी फसल चक्र अवधि बहुत कम यानी महज 30 से 45 दिनों की होती है जिससे किसानों की कमाई बहुत जल्दी शुरू हो जाता है. कम लागत कम पानी और बेहद कम देखभाल में तैयार होने वाली यह हरी सब्जियां सर्दियों के सीजन में छोटे और बड़े दोनों तरह के किसानों के लिए कमाई का सबसे आसान तरीका हैं.
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