भारत के किसानों के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना एक वरदान साबित हो रही है. देश के करोड़ों किसान अपनी फसलों को प्राकृतिक आपदाओं, जैसे सूखा, बाढ़ या बेमौसम बारिश से बचाने के लिए इस योजना का लाभ उठा रहे हैं. हाल ही में इस योजना के बेहतर काम और प्रगति को लेकर राष्ट्रीय रैंकिंग जारी की गई है. इस नई रैंकिंग के सामने आने के बाद राज्यों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा देखने को मिल रही है कि कौन सा राज्य अपने किसानों को सबसे ज्यादा सुरक्षित रख रहा है.
इस साल प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को जमीनी स्तर पर सबसे शानदार तरीके से लागू करने और किसानों को इसका लाभ पहुंचाने के मामले में असम नंबर वन पर पहुंच गया है. पूर्वोत्तर के इस राज्य ने अपनी भौगोलिक चुनौतियों और बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं के बावजूद अपने किसानों का रिकॉर्ड पंजीकरण कराया है. असम सरकार ने नई तकनीकों और आसान दावा निपटान प्रक्रियाओं के दम पर राष्ट्रीय रैंकिंग में यह सर्वोच्च स्थान हासिल किया है.
उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल भी रेस में आगे
रैंकिंग में दूसरे स्थान के लिए दो राज्यों के बीच बड़ी मजबूती देखी गई है. राष्ट्रीय रैंकिंग के अनुसार उत्तर प्रदेश दूसरे पायदान पर काबिज है. उत्तर प्रदेश देश की सबसे बड़ी आबादी और विशाल कृषि क्षेत्र वाला राज्य है. यहां खरीफ और रबी दोनों सीजनों में करोड़ों किसानों को बीमा दिया जा रहा है. राज्य के कृषि विभाग ने तकनीक का बेहतर इस्तेमाल कर क्लेम ट्रांसफर करने की व्यवस्था को बहुत आसान बनाया है.
इसके अलावा, पश्चिम बंगाल भी देश में दूसरे स्थान पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है. राज्य सरकार के आंकड़ों के अनुसार, पश्चिम बंगाल में 32 लाख से अधिक किसानों का इस योजना के तहत पंजीकरण हो चुका है. हाल ही में आई बाढ़ से प्रभावित हुए किसानों को जल्द से जल्द मुआवजा दिलाने के लिए राज्य प्रशासन तेजी से काम कर रहा है, जिसके कारण यह राज्य टॉप परफॉर्मर्स में शामिल है.
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ओडिशा तीसरे और राजस्थान चौथे नंबर पर
इस सूची में ओडिशा तीसरे स्थान पर बना हुआ है. ओडिशा तटीय इलाका होने के कारण अक्सर चक्रवात और भारी बारिश जैसी आपदाओं का सामना करता है. ऐसे में वहां की सरकार ने मौसम आधारित फसल बीमा और सामान्य फसल बीमा योजना को ब्लॉक स्तर तक बेहद प्रभावी ढंग से पहुंचाया है.
वहीं राजस्थान ने इस राष्ट्रीय रैंकिंग में चौथा स्थान हासिल किया है. राजस्थान के कई इलाके सूखे से प्रभावित रहते हैं, इसलिए वहां के किसानों के लिए फसल बीमा बेहद जरूरी है. राज्य में कृषि विभाग और जिला को-ऑर्डिनेटरों की मदद से खराबे का समय पर आकलन किया जा रहा है. राजस्थान सरकार की ओर से तकनीक और क्रॉप इंश्योरेंस ऐप के माध्यम से दावों के निपटान में तेजी लाई गई है, जिससे यह राज्य चौथे नंबर पर जगह बनाने में कामयाब रहा.
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