आजकल बाजार में मिलने वाली सब्जियों का हाल तो आप जानते ही होंगे. सब्जियों को जल्दी बड़ा करने और चमकदार दिखाने के लिए खतरनाक केमिकल और कीटनाशकों का इस्तेमाल किया जा रहा है. ऐसी चीजें खाने से हमारे शरीर को फायदे की जगह भारी नुकसान पहुंचता है. तो साथ ही कई तरह की गंभीर बीमारियां घेर लेती हैं. अगर आप भी अपने परिवार को इन जहरीले केमिकल्स से बचाना चाहते हैं. तो इसका सबसे बढ़िया इलाज है कि अपनी छत पर ही ऑर्गेनिक सब्जियां उगाना शुरू कर दें.
आज हम आपको एक ऐसा शानदार तरीका बताने जा रहे हैं. जिसकी मदद से आप अपने घर की छत पर ही एकदम ताजी, हरी और बिना केमिकल वाली लौकी उगा सकते हैं. इसके लिए आपको छत के एक छोटे से कोने में रखा गमला या ग्रो बैग ही काम आ जाएगा. घर की छत पर उगी ताजी लौकी की सब्जी उगाने के लिए किन बातों का रखना होगा ध्यान जान लीजिए पूरी प्रोसेस.
कैसे तैयार करें सही गमला और मिट्टी?
घर की छत पर लौकी की अच्छी पैदावार लेनी है. तो सबसे पहले आपको इसके लिए सही गमला और मिट्टी का चुनाव करना बहुत जरूरी है. लौकी की बेल का फैलाव थोड़ा बड़ा होता है. इसलिए हमेशा कम से कम चौदह से सोलह इंच बड़े गमले या फिर मजबूत ग्रो बैग का ही इस्तेमाल करें. मिट्टी तैयार करते वक्त इस बात का खास ख्याल रखें कि वह एकदम भुरभुरी और उपजाऊ होनी चाहिए.
सामान्य मिट्टी में 25 प्रतिशत गोबर की खाद, 25 प्रतिशत वर्मीकंपोस्ट और थोड़ी सी नीम की खली अच्छी तरह मिला लें जिससे पौधों को भरपूर पोषण मिल सके. गमलों के नीचे पानी निकलने के लिए छेद यानी ड्रेनेज होल जरूर रखें. वरना ज्यादा पानी रुकने से जड़ें सड़ सकती हैं. अच्छी और पोषक तत्वों से भरपूर मिट्टी मिलने पर लौकी के बीज बहुत तेजी से अंकुरित होते हैं और पौधे की ग्रोथ अच्छे से शुरू हो जाती है.

इन तीन बातों पर ध्यान दें
सिर्फ बीज बो देने भर से काम नहीं चलता. बल्कि लौकी के पौधे को समय पर धूप और पानी देना भी बहुत जरूरी है. लौकी के पौधे को अच्छी तरह बढ़ने के लिए दिनभर की तेज धूप की जरूरत होती है. इसलिए गमले को हमेशा छत पर ऐसी जगह रखें जहां भरपूर धूप आती हो. सिंचाई करते वक्त ध्यान रखें कि मिट्टी में नमी बनी रहे लेकिन जलभराव बिल्कुल न हो, क्योंकि ज्यादा पानी पौधे को नुकसान पहुंचा सकता है.
जैसे-जैसे बेल बड़ी होने लगे उसे ऊपर की तरफ फैलाने के लिए किसी मजबूत बांस, लकड़ी या रस्सी का सहारा जरूर दें. जब बेल ऊपर की तरफ चढ़ती है और उस पर हरी-भहरी पत्तियां फैलती हैं. तो पौधे को हवा और धूप दोनों बराबर मात्रा में मिलती हैं. समय-समय पर हल्की निराई-गुड़ाई करने से मिट्टी की ताकत बनी रहती है और पौधे की जड़ें मजबूत होती हैं जिससे उस पर जल्दी फल आने लगते हैं.
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महज 60 दिन में तैयार हो जाएगी लौकी
अगर आप सही तरीके से देखभाल करते हैं. तो लौकी के पौधे बीज बोने के महज 60 दिन के भीतर ही उस पर फल दिखने शुरू हो जाते हैं. पौधे पर जब छोटे-छोटे फूल आने लगें तो समझ लीजिए कि आपकी मेहनत रंग लाने लगी है और जल्द ही ताजी लौकी टूटने के लिए तैयार हो जाएगी. कीटों और बीमारियों से पौधे को बचाने के लिए समय-समय पर नीम के तेल का छिड़काव करते रहें जिससे कोई कीड़ा फसल को नुकसान न पहुंचा सके.
जब लौकी सही साइज की हो जाए. तो उसे कैंची की मदद से काट लें. पौधे से खींचकर तोड़ने की गलती बिल्कुल न करें. घर की छत पर उगाई गई इन ताजी लौकियों का स्वाद बाजार की केमिकल वाली सब्जियों से कई गुना बेहतर होता है और यह सेहत भी काफी अच्छी होती है.

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