डेयरी फार्मिंग बिजनेस में अब काफी बदलाव आ चुका है. आज के वक्त में सिर्फ दूध और बाकी डेयरी प्रोडक्ट्स बेचकर ही कमाई नहीं का जा रही. बल्कि और भी प्रोडक्ट्स से कमाई में इजाफा हो रहा है. कई बार ऐसा होता है कि सर्दियों के दिनों में या फिर त्योहारों के बाद अचानक दूध की खपत कम हो जाती है और डेयरी फार्मर्स के पास दूध सरप्लस यानी जरूरत से ज्यादा बच जाता है.
ऐसे में उस बचे दूध का पाउडर बनाकर बेचा जा सकता है. इस समय पैकेट वाले मिल्क पाउडर की डिमांड आसमान छू रही है. अगर आप गाय के दूध से बढ़िया क्वालिटी का पाउडर बनाना सीख जाएं. तो इसे लंबे समय तक स्टोर करके बड़े पैमाने पर बेचकर कमाई कई गुना तक बढ़ा सकते हैं. चलिए आपको बताते हैं कि कैसे आप गाय के दूध से आसानी से पाउडर तैयार कर सकते हैं.
गाय के दूध से पाउडर बनाने का प्रोसेस
दूध से पाउडर बनाने की इस प्रोसेस को डिहाइड्रेशन या स्प्रे ड्राइंग कहा जाता है. आम भाषा में कहें तो इसे आप दूध का पानी सुखाने की प्रक्रिया मान लीजिए. सबसे पहले आपको चाहिए गाय का दूध जिसे अच्छी तरह उबालकर उसकी मलाई या तो थोड़ी कम करनी होती है या अगर आप फुल-क्रीम पाउडर चाहते हैं. तो उसे वैसे ही रखना होता है. इसके बाद दूध को एक चौड़े और भारी तले वाले बड़े बर्तन में डालकर धीमी आंच पर लगातार चलाना पड़ता है. जिससे वह नीचे से जले नहीं.
जब दूध उबलते-उबलते बिल्कुल गाढ़ा यानी रबड़ी जैसी कंसिस्टेंसी में आ जाए तब इस गाढ़े मलाईदार पेस्ट को बहुत ही पतली परत में किसी साफ ट्रे या स्टील की बड़ी प्लेट पर फैला दिया जाता है. इसके बाद इसे या तो आप धूप में सुखा सकते हैं या फिर फूड डीहाइड्रेटर मशीन का इस्तेमाल करके सुखा सकते हैं. जब यह मटीरियल एकदम पापड़ की तरह सूखकर कड़क हो जाता है. तो मिक्सी या ग्राइंडर में पीसकर इसका एकदम बारीक पाउडर तैयार कर लिया जाता है.

कम खर्च में घर पर ऐसे करें पाउडर तैयार
अगर आपके पास बहुत बड़ा इंडस्ट्रियल सेटअप नहीं है. तो भी घबराने की कोई बात नहीं है. क्योंकि आप अपने डेयरी फार्म पर ही कम लागत में इसकी शुरुआत कर सकते हैं. इसके लिए आपको बस एक अच्छी क्वालिटी की स्टेनलेस स्टील की कढ़ाई, बड़े ट्रे, मलमल का कपड़ा और एक बढ़िया ग्राइंडर की जरूरत पड़ेगी. सबसे पहले गाय के दूध को छानकर उबाल लें और उसमें हल्का सा चुटकी भर बेकिंग सोडा मिला सकते हैं जिससे दूध फटे नहीं. हालांकि यह ऑप्शनल है.
दूध को तब तक पकाएं जब तक उसका सारा मॉइश्चर यानी नमी उड़ न जाए और वह मावे जैसा ठोस रूप न ले ले. अब इस मावे को धूप में अच्छे से कड़क सुखा लें ताकि उसमें पानी का एक बूंद भी अंश न बचे. क्योंकि जरा सी भी नमी रहने पर पाउडर में जल्दी कीड़े लग सकते हैं या वह खराब हो सकता है. सूखने के बाद इसे मिक्सी में पीसकर एयर-टाइट डिब्बे में पैक कर लें. इस तरह तैयार किया गया होममेड मिल्क पाउडर बिल्कुल नेचुरल होता है और इसमें किसी तरह के प्रिजर्वेटिव्स भी नहीं होते.

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मार्केट बढ़ रही है डिमांड
अब सबसे बड़ा सवाल यह आता है कि इस दूध के पाउडर को बेचकर मुनाफा कैसे कमाया जाए और मार्केट में इसकी क्या हाल है. आज के समय में डिब्बा बंद दूध पाउडर की डिमांड हर जगह है. चाहे वो शहरी इलाके हों या फिर गांव. चाय की थड़ी चलाने वाले हों, होटल वाले हों या फिर मिठाई की दुकानें, सबको बढ़िया क्वालिटी के दूध पाउडर की जरूरत रहती है. अगर आप गाय के शुद्ध दूध से खुद का पाउडर बनाकर लोकल मार्केट में सप्लाई करना शुरू कर दें.
तो आपको नॉर्मल दूध बेचने के मुकाबले दोगुना तक मुनाफा मिल सकता है. बाजार में मिलने वाले ब्रांडेड पाउडर में अक्सर मिलावट का डर रहता है, ऐसे में अगर आपका प्रोडक्ट एकदम शुद्ध और ऑर्गेनिक हुआ. तो ग्राहक खुद-ब-खुद आपके पास खिंचे चले आएंगे. आप आकर्षक पैकेट पर अपना ब्रांड नेम और लोगो छापकर इसे ऑनलाइन या डायरेक्ट दुकानों पर बेच सकते हैं.
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