देश में कई करोड़ की संख्या में किसान रहते हैं इन किसानों के लिए केंद्र सरकार और अलग-अलग राज्यों की सरकारें मिलकर बहुत सारी योजनाएं चलाती हैं. लेकिन उम्र बढ़ने के बाद जब खेत में पहले जैसी मेहनत करना मुश्किल हो जाता है, तब रेगुलर इनकम की जरूरत और बढ़ जाती है. इसी परेशानी को देखते हुए केंद्र सरकार ने पीएम किसान मानधन योजना शुरू की थी. इस पेंशन स्कीम के सात साल पूरे हो चुके हैं और देशभर में करीब 25 लाख किसान इससे जुड़ चुके हैं.
इस योजना में किसान को पहले तय उम्र तक हर महीने अपना योगदान जमा करना होता है. इसके बाद 60 साल की उम्र पूरी होने पर कम से कम 3000 रुपये मंथली पेंशन मिलती है. किसान जितनी रकम जमा करता है. उतना ही योगदान केंद्र सरकार भी पेंशन फंड में करती है. चलिए आपको बताते हैं किन किसानों को मिलता है इस स्कीम का लाभ और क्या है इसकी आवेदन प्रोसेस.
इतना देना होता है प्रीमियम
इस स्कीम में 18 से 40 साल की उम्र के किसान शामिल हो सकते हैं. किसान को 60 साल की उम्र तक तय रकम जमा करनी होती है. कम उम्र में रजिस्ट्रेशन कराने पर मंथली योगदान कम रहता है. जबकि ज्यादा उम्र में जुड़ने पर ज्यादा रकम जमा करनी पड़ती है. 18 साल की उम्र में शामिल होने वाले किसान को 55 रुपये महीने देने होते हैं. 40 साल की उम्र में जुड़ने पर यह रकम 200 रुपये महीने हो जाती है.
इसी तरह 20 साल की उम्र में 61 रुपये, 25 साल में 80 रुपये, 30 साल में 105 रुपये और 35 साल में 150 रुपये हर महीने जमा करने होते हैं. किसान जितनी रकम देता है उतनी ही रकम केंद्र सरकार भी जमा करती है. योगदान किसान के बैंक अकाउंट से ऑटो डेबिट के जरिए कट सकता है. किसान अपनी सुविधा के अनुसार मंथली, तीन महीने, चार महीने या छह महीने के अंतर पर भी अपना योगदान जमा करने का ऑप्शन चुन सकता है.

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कौन ले सकता है स्कीम का फायदा?
पीएम किसान मानधन योजना का फायदा ऐसे छोटे और सीमांत किसान ले सकते हैं. जिनके पास ज्यादा से ज्यादा 2 हेक्टेयर खेती योग्य जमीन है. किसान की उम्र 18 से 40 साल के बीच होनी चाहिए और उसका नाम राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के लैंड रिकॉर्ड में दर्ज होना जरूरी है. रजिस्ट्रेशन के लिए आधार कार्ड, बैंक अकाउंट की डिटेल और मोबाइल नंबर की जरूरत पड़ती है. किसान नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर यानी CSC पर जाकर रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं.
पहली किस्त जमा होने और ऑटो डेबिट की मंजूरी के बाद पेंशन अकाउंट नंबर और कार्ड जारी किया जाता है. हालांकि NPS, EPFO या ESIC से जुड़े लोग और इनकम टैक्स जमा करने वाले किसान इसके लिए योग्य नहीं होंगे. 60 साल के बाद किसान को हर महीने 3000 रुपये पेंशन मिलेगी. पेंशन लेने वाले किसान की मौत होने पर उसके जीवनसाथी को 50 प्रतिशत यानी 1500 रुपये महीने की फैमिली पेंशन मिल सकती है.

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आवेदन करने का पूरा प्रोसेस
सरकार की इस पेंशन योजना से जुड़ने के लिए किसानों को सबसे पहले आपको अपने पास के किसी भी कॉमन सर्विस सेंटर यानी सीएससी पर जाना होगा. वहां पहुंचते वक्त अपना ऑरिजिनल आधार कार्ड, बैंक की पासबुक या कैंसिल्ड चेक और खेत के कागजात जैसे खतौनी या खसरा साथ रखना बिल्कुल न भूलें. वहां बैठा ऑपरेटर आपके इन सभी डॉक्यूमेट्स को देखकर पोर्टल पर आपका ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन फॉर्म भर देगा.
फॉर्म सबमिट होने के बाद आपकी उम्र के हिसाब से तय होता है कि आपको हर महीने कितना छोटा सा कंट्रीब्यूशन देना है, और इसके साथ ही आपका प्रोसेस पूरा हो जाता है. रजिस्ट्रेशन सक्सेसफुल होने के बाद आपको एक यूनिक पेंशन अकाउंट नंबर और किसान कार्ड मिल जाता है. आप चाहें तो बैंक जाकर ऑटो-डेबिट चालू करवा सकते हैं ताकि हर महीने किस्त अपने आप कट जाए, या फिर मिलने वाली पीएम-किसान सम्मान निधि की रकम से भी इसका एडजस्टमेंट करवा सकते हैं. स्ट्रेशन कर सकते हैं.
