अपने घर की छत पर सब्जियां उगाने का ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है. लोग अब ऐसी सब्जियां घर पर तैयार करना चाहते हैं. जो ताजी हों और जिन्हें उगाने में ज्यादा मेहनत न करनी पड़े. अगर आप भी किचन गार्डनिंग पसंद करते हैं. तो गमले में करेला लगा सकते हैं. इसकी बेल कम जगह में ऊपर की ओर फैलती है. इसलिए छोटे घर में भी इसे मैनेज करना मुश्किल नहीं होता.
करेले को गर्म मौसम, अच्छी धूप और हल्की नमी पसंद होती है. सही देखभाल मिलने पर बीज लगाने के करीब 55 से 70 दिन बाद फल मिलने शुरू हो सकते हैं. इसके लिए बड़े खेत की जरूरत नहीं है. एक गहरा गमला, अच्छी मिट्टी और बेल के लिए मजबूत जाली काफी है. हालांकि पानी जमा होने कम धूप मिलने और कमजोर सपोर्ट की वजह से पौधे की ग्रोथ प्रभावित हो सकती है. इसलिए शुरुआत से ही सही तैयारी कर के चलें.
गमला और मिट्टी ऐसे करें तैयार
करेले की बेल तेजी से बढ़ती है और इसकी जड़ों को फैलने के लिए ठीक-ठाक जगह चाहिए. इसलिए 15 से 18 इंच गहरा और चौड़ा गमला चुनना बेहतर रहेगा. कंटेनर के नीचे कई ड्रेनेज होल जरूर होने चाहिए. जिससे एक्स्ट्रा पानी आसानी से बाहर निकल सके. गमला ऐसी जगह रखें जहां पौधे को रोज करीब 6 से 8 घंटे सीधी धूप मिलती रहे.
मिट्टी तैयार करने के लिए गार्डन सॉइल, कम्पोस्ट और कोकोपीट को बराबर मात्रा में मिला सकते हैं. गार्डन सॉइल पौधे को बेस देगा, कम्पोस्ट से न्यूट्रिशन मिलेगा और कोकोपीट मिट्टी को हल्का बनाए रखेगा. अगर मिट्टी ज्यादा चिकनी है तो उसमें थोड़ी रेत भी मिलाई जा सकती है. गमला भरते समय ऊपर दो से तीन इंच जगह खाली छोड़ें, जिससे पानी डालते समय मिट्टी बाहर न निकले. शुरू में बहुत ज्यादा खाद एक साथ न डालें.

बीज लगाने का यह है तरीका
करेले के अच्छी क्वालिटी वाले बीज किसी भरोसेमंद नर्सरी या सीड स्टोर से लें. इसका बाहरी कवर थोड़ा सख्त होता है. इसलिए बीजों को लगाने से पहले कुछ घंटों के लिए पानी में भिगो सकते हैं. तैयार मिट्टी में करीब एक इंच गहराई पर दो से तीन बीज लगाएं. इसके बाद ऊपर से हल्की मिट्टी डालकर पानी दें. तेज धार से पानी डालने पर बीज अपनी जगह से हट सकते हैं.
गमले को गर्म और धूप वाली जगह पर रखने से बीज सामान्य तौर पर 7 से 10 दिन में निकल सकते हैं. जब पौधे पर कुछ पत्तियां आ जाएं तो सबसे मजबूत पौधा रखें और बाकी कमजोर पौधों को हटा दें. एक ही गमले में कई पौधे रखने से जड़ों के बीच जगह पानी और खाद को लेकर मुकाबला बढ़ जाता है. मिट्टी को हल्का नम रखें, लेकिन हर दिन बिना जांचे पानी न डालें. ऊपर की मिट्टी सूखी लगे तभी जरूरत के हिसाब से सिंचाई करें.

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बेल को जाली सपोर्ट दें
करेला बेल वाली सब्जी है, इसलिए पौधे की ग्रोथ शुरू होते ही उसे ऊपर चढ़ने के लिए जाली का सहारा देना चाहिए. बेल को जमीन पर फैलने देने से पत्तियों और फलों में नमी बनी रह सकती है. मजबूत सपोर्ट मिलने पर बेल को बेहतर हवा और धूप मिलती है. नई शाखाओं को हल्के हाथ से जाली की तरफ मोड़ें लेकिन उन्हें टाइट रस्सी से बांधने से बचें.
इतने दिन बाद दें खाद
पौधे को न्यूट्रिशन देने के लिए हर 15 से 20 दिन में अच्छी तरह तैयार ऑर्गेनिक खाद डाल सकते हैं. पत्तियों के नीचे कीड़े, सफेद धब्बे या चिपचिपापन नजर आए तो तुरंत जांच करें. करेले की बेल पर नर और मादा फूल अलग-अलग आते हैं. मधुमक्खियां कम आने पर सुबह हाथ से पोलिनेशन करने से फल बनने में मदद मिल सकती है. करेला हरा, मजबूत और मुलायम दिखाई दे तो उसकी कटाई कर लें. समय पर फल तोड़ने से बेल पर नए करेले आते रहते हैं.
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