Beekeeping Insurance Scheme: अगर आप भी मधुमक्खी पालन करते हैं तो आपके लिए बड़ी खुशखबरी है. हरियाणा सरकार ने मधुमक्खी पालन को भी अब मुख्यमंत्री बागवानी योजना में शामिल कर लिया है. ऐसे में अब किसानों को आग, बाढ़ या किसी दूसरी वजह से मधुमक्खियों के बक्सों को हुए नुकसान का पूरी खर्च अपनी जेब से नहीम उठाना होगा.
योजना के तहत किसान कम प्रीमियम देकर अपने मधुमक्खी पालन के काम का बीमा करा सकते हैं. आपके बता दें कि, योजना में अधिकतम 6.25 लाख रुपये तक का बीमा कवर मिल सकता है. आइए जानते हैं इस योजना का फायदा कैसे मिलेगा और इसके लिए क्या करना होगा.
इन वजहों से नुकसान होने पर मिलेगा बीमा
मधुमक्खियों के बक्से या कॉलोनियां बाढ़ में डूबने या आग लगने से खराब होने पर बीमा का फायदा मिलेगा. इसके अलावा मधुमक्खियों में महामारी फैलने से होने वाले नुकसान को भी योजना में शामिल किया गया है. अगर कोई मधुमक्खी पालक अपने बक्सों और कॉलोनियों को एक जगह से दूसरी जगह ले जा रहा है और रास्ते में दुर्घटना हो जाती है, तो उसका नुकसान भी बीमा के दायरे में आएगा. हालांकि, ऐसी दुर्घटना हरियाणा की सीमा के अंदर होनी चाहिए. इसके लिए पुलिस में एफआईआर या डीडीआर दर्ज कराना जरूरी होगा.
एक बॉक्स और कॉलोनी पर कितना देना होगा प्रीमियम?
- सरकार ने मधुमक्खी पालकों को राहत देने के लिए बीमा का प्रीमियम कम रखा है.
- योजना के तहत एक मधुमक्खी कॉलोनी का बीमा कराने के लिए 50 रुपये देने होंगे.
- वहीं, एक बॉक्स का बीमा कराने पर भी 50 रुपये प्रीमियम देना होगा.
- इसके बदले एक कॉलोनी पर 1,250 रुपये और एक बॉक्स पर 1,250 रुपये का बीमा कवर मिलेगा.
- यानी किसान जितने बॉक्स और कॉलोनियों का बीमा कराएंगे, उसी हिसाब से उन्हें प्रीमियम देना होगा.

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कैसे मिलेगा 6.25 लाख रुपये तक का बीमा?
इस योजना के तहत एक किसान अधिकतम 250 मधुमक्खी कॉलोनियों और 250 बक्सों का बीमा करा सकता है. 250 कॉलोनियों पर 3,12,500 रुपये और 250 बक्सों पर भी 3,12,500 रुपये का बीमा कवर मिलेगा. इस तरह दोनों को मिलाकर कुल 6.25 लाख रुपये तक की बीमा सुरक्षा मिल सकती है.
इसके लिए किसान को कुल 25,000 रुपये प्रीमियम देना होगा. हालांकि, नुकसान होने पर मिलने वाली रकम असल नुकसान और योजना की शर्तों के आधार पर तय होगी. इसका मतलब यह नहीं है कि हर नुकसान पर पूरी बीमा राशि मिलेगी.
योजना का फायदा लेने के लिए क्या करना होगा?
इस बीमा योजना का फायदा लेने के लिए मधुमक्खी पालकों का भावांतर भरपाई योजना (शहद) के तहत रजिस्ट्रेशन होना जरूरी है. साथ ही, हर मधुमक्खी बॉक्स पर योजना का अलग यूनिक नंबर होना चाहिए.
योजना में रजिस्ट्रेशन, पात्रता और जरूरी कागजात की जानकारी लेने के लिए किसान अपने जिले के जिला उद्यान अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा हरियाणा उद्यान विभाग के टोल-फ्री नंबर 1800-180-2021 पर फोन करके भी जानकारी ली जा सकती है.
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