Stubble Management: धान की कटाई के बाद खेत में बची पराली किसानों के लिए बड़ी परेशानी बन जाती है. कई किसान अगली फसल की बुवाई के लिए खेत खाली करने के चक्कर में पराली जला देते हैं. इससे मिट्टी और पर्यावरण दोनों को नुकसान होता है. लेकिन अब किसानों के पास पराली के बीच ही अगली फसल बोने का एक और विकल्प आ गया है.
महिंद्रा एंड महिंद्रा ने अपनी नई मल्टी-क्रॉप सीडिंग मशीन मैक्ससीडर का व्यावसायिक उत्पादन और सप्लाई शुरू कर दी है. कंपनी का दावा है कि, इस मशीन से पराली के बीच सीधे बुवाई की जा सकती है. खास बात यह है कि इसे चलाने के लिए 35 हॉर्सपावर का ट्रैक्टर भी काफी है.
पराली के बीच सीधे कर सकेंगे बुवाई
मैक्ससीडर को इस तरह बनाया गया है कि यह खेत में बची धान की पराली के बीच ही बीज डाल सकती है. इसके लिए खेत से पूरी पराली हटाने या उसे जलाने की जरूरत कम हो सकती है. यह मशीन जीरो-टिल तकनीक पर काम करती है. यानी बुवाई के लिए मिट्टी को ज्यादा पलटना या खेत की बार-बार जुताई करना जरूरी नहीं होता. कंपनी के मुताबिक, पंजाब और हरियाणा में किए गए खेत परीक्षणों के दौरान मशीन ने धान की भारी पराली के बीच भी बुवाई की. इससे उन किसानों को फायदा मिल सकता है, जो धान की कटाई के तुरंत बाद गेहूं की बुवाई करना चाहते हैं.
35 HP ट्रैक्टर से भी चलेगी मशीन
इस मशीन की एक खास बात यह है कि इसे चलाने के लिए बहुत ज्यादा ताकतवर ट्रैक्टर की जरूरत नहीं होगी. कंपनी के अनुसार, 35 हॉर्सपावर या उससे अधिक क्षमता वाला ट्रैक्टर इसे आसानी से चला सकता है. इससे छोटे और मध्यम किसानों को भी आधुनिक बुवाई मशीन इस्तेमाल करने का विकल्प मिल सकता है.
मैक्ससीडर सिर्फ गेहूं की बुवाई तक सीमित नहीं है. इससे धान, सोयाबीन, मक्का और कपास जैसी कई फसलों की बुवाई भी की जा सकती है. यानी किसान अपनी जरूरत के हिसाब से अलग-अलग फसलों के लिए इसका इस्तेमाल कर सकते हैं.
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पहले पंजाब और हरियाणा में होगी बिक्री
कंपनी इसकी बिक्री धीरे-धीरे शुरू करेगी. पहले पंजाब और हरियाणा के किसानों तक इसे पहुंचाने की योजना है. आने वाले समय में यह मशीन उन किसानों के काम आ सकती है, जो पराली जलाए बिना अगली फसल की बुवाई करना चाहते हैं.
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