आज के समय में खेती-किसानी के साथ पशुपालन भी कमाई का अच्छा जरिया बनता जा रहा है. किसान अब गाय और भैंस के अलावा ऐसे पशुओं के पालन में भी दिलचस्पी दिखा रहे हैं, जिनसे बाजार में अलग तरह के उत्पाद तैयार किए जा सकते हैं. ऐसे में गधी के दूध का बिजनेस भी कमाई का एक शानदार विकल्प बनकर सामने आया है. गधी के दूध की खासियत यह है कि इसमें प्रोटीन, लैक्टोज और अन्य पोषक तत्व पाए जाते हैं. इसकी संरचना कुछ हद तक मां के दूध से मिलती-जुलती है.
यही वजह है कि विदेशों में इसका इस्तेमाल कुछ विशेष खाद्य और कॉस्मेटिक प्रोडक्ट बनाने में किया जाता है. भारत में भी इसके दूध से साबुन, स्किन केयर और अन्य उत्पाद तैयार किए जाते हैं. ऐसे में अगर आप पशुपालन के क्षेत्र में कुछ नया करना चाहते हैं तो यह बिजनेस आपके लिए एक शानदार विकल्प हो सकता है.
ऐसे शुरू करें गधी के दूध का बिजनेस
इस बिजनेस को शुरू करने के लिए सबसे पहले आपको गधों की अच्छी नस्ल और स्वस्थ मादा गधियों की जरूरत होगी. दूध उत्पादन के लिए मादा गधी का चयन करना जरूरी है. इसके लिए गुजरात की हलारी नस्ल को जाना जाता है. गधी खरीदने से पहले उसकी उम्र, स्वास्थ्य, प्रजनन क्षमता और दूध देने की स्थिति की जांच करवाएं. इसके अलावा पशु चिकित्सक की मदद से पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण जरूर कराएं. शुरुआत में बड़े स्तर पर निवेश करने के बजाय बाजार की मांग समझकर बिजनेस का प्लान बनाना बेहतर होगा.
देखभाल की होती है जरूरत
गधी पालन के लिए ऐसी जगह चुनें जहां पशुओं के रहने, घूमने और आराम करने की पर्याप्त व्यवस्था हो. शेड हवादार होना चाहिए और वहां साफ पानी की उपलब्धता होनी चाहिए. गधी का दूध गाय और भैंस की तुलना में काफी कम मात्रा में मिलता है. इसकी मात्रा नस्ल, खानपान, स्वास्थ्य और दूध देने की अवस्था पर निर्भर करती है. अलग-अलग नस्लों में दूध उत्पादन में काफी अंतर देखने को मिलता है. गधी के थन की क्षमता सीमित होती है, इसलिए दूध निकालने की प्रक्रिया भी सामान्य डेयरी पशुओं से अलग होती है. एक सामान्य गधी एक दिन में लगभग 200 मिलीलीटर से लेकर 1 लीटर तक दूध दे सकती है.
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सरकार दे रही है 50 परसेंट तक सब्सिडी
गधी पालन को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने नेशनल लाइवस्टॉक मिशन के तहत उद्यमिता विकास कार्यक्रम शुरू किया है. इस योजना के अंतर्गत पात्र गधी ब्रीडिंग फार्म स्थापित करने के लिए परियोजना लागत का 50 परसेंट तक कैपिटल सब्सिडी मिलती है. इसकी अधिकतम सीमा 50 लाख रुपये है. योजना के तहत बाकी राशि की व्यवस्था बैंक लोन और स्वयं के निवेश से करनी होती है. इसके लिए आवेदक को निर्धारित पात्रता, पशुओं की संख्या, परियोजना रिपोर्ट और अन्य जरूरी शर्तें पूरी करनी होती हैं.
गधी का दूध बिकता है महंगा
भारत में गधी का दूध आमतौर पर 2000 से 8000 प्रति लीटर तक बिकता है. इसका इस्तेमाल मुख्य रूप से कॉस्मेटिक्स और आयुर्वेदिक प्रोडक्ट्स में किया जाता है. ऐसे में आप किसी अच्छी ब्यूटी कंपनी के साथ जुड़कर आमदनी कर सकते हैं. वहीं बाजार की मांग और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बेचकर भी पैसे कमा सकते हैं.
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